नई दिल्ली,मौसम में हो रहे बदलावों से चिकनगुनिया और डेंगु जैसे बुखार हो रहे है जिनका समय पर इलाज करना जरुरी है।
चिकनगुनिया रोग मादा एडीज मच्छर के काटने से होता है।जिसके काटने पर इसकी लार में मौजूद चिकनगुनिया का वायरस व्यक्ति के शरीर में पहुंचकर इस बीमारी को फैलाता है। इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों में रोगी को तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन,सर्दी-खांसी जैसी शिकायत रहती है। इसमें शरीर के जोड़ों में भी तेज दर्द की शिकायत होती है। इसमें अगर घर में ही बनाये काढ़े का सेवन कर लिया जाए तो इस बीमारी से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
घरेलू उपायें के तहत इसका सेवन सुबह-शाम लाभ देता है।
इस काढ़ें को बनाने के लिए आठ औषधियों का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें हरड़, आंवला, चिरायता, वासापत्र, नीमपत्र और गिलोय की जरूरत होती है। इस काढ़े को पीने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसके अलावा चिकनगुनिया, डेंगू, मलेरिया के साथ शुगर और पीलिया के मरीजों को भी यह काढ़ा लाभ पहुंचाता है। इस काढ़े को बनाने के लिए सबसे पहले हरड़, बहेड़ा, आंवला, कुटकी, चिरायता, वासापत्र, नीमपत्र और गिलोय को बराबर मात्रा में लेकर मिला लें। इसमें से रोजाना दस ग्राम मिलाकर एक गिलास पानी में उबाल लें। जब एक चौथाई पानी बच जाए तो इस गुनगुने पाने को पी लें। चिकनगुनिया से पीड़ित व्यक्ति को सिर्फ अनार, पपीते और सेब का ही रस पीना चाहिए। मौसमी और संतरे जैसे फल और उसके रस का सेवन करने से बचें। इसके अलावा मच्छर से बचने के लिए अपने घर में नीम के पत्तों का धुआं करते रहें।
चिकनगुनिया का दर्द दूर करेगा ये घरेलू उपाय