उज्जैन,कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। राहुल गांधी दो दिन के मालवा-निमाड़ के दौरे पर हैं हैं।
बता दें कि इंदिरा गांधी सत्ता में लौटने से पहले दिसंबर 1979 में महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची थीं। सोनिया गांधी वर्ष 2008 में यहां आईं लेकिन कांग्रेस मध्यप्रदेश में जीत का परचम नहीं फहरा सकी। हालांकि, एक साल बाद ही उन्होंने केंद्र में दोबारा सरकार बना ली। अब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उज्जैन स्थित चर्चित शिव मंदिर पहुंचे हैं, उन्हें भी शायद कुछ इसी तर्ज पर चमत्कार की उम्मीद है। सोमवार को उज्जैन पहुंचे राहुल गांधी ने महाकालेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की। बता दें कि यह 12 ज्योतिर्लिंग में से एक हैं और इस मध्यप्रदेश की राजनीति में भी अहम माना जाता है। प्रत्येक राजनीतिक यात्रा हो या फिर अभियान, यहीं पर दर्शन के साथ ही शुरू होते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी अपनी जन आशीर्वाद यात्रा यहीं से शुरू की, बीजेपी अध्यक्ष अमित भी यहां आए और राज्य कांग्रेस प्रमुख कमलनाथ ने भगवान महाकाल को यह कहते हुए खुला खत लिखा कि वह सीएम को अपना आशीर्वाद न दें।
इस इलाके की कांग्रेस के पास महज चार सीटें हैं जबकि यह क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है। इंदौर में नौ सीटों में से आठ सीटें जबकि उज्जैन की सभी सीटें, देवास की पांचों सीटें, रतलाम की पांच सीटें, शाजापुर की सभी पांच सीटें, नीमच की तीन सीटें और धार जिले की सात सीटों में से पांच सीटें बीजेपी के पास हैं। बीजेपी के इस गढ़ में सेंधमारी करने के लिए कांग्रेस चीफ राहुल गांधी मालवा में एक खास प्लान के साथ पहुंचे हैं। राहुल गांधी उज्जैन शहर के दशहरा ग्राउंड में एक रैली के जरिए पार्टी की उपस्थिति भी दर्ज कराएंगे। बता दें कि कांग्रेस ने उज्जैन शहर की नॉर्थ या साउथ सीट दो दशक पहले यानी 1998 में जीती थी।
भाजपा के गढ़ मालवा- निमाड़ में राहुल का दौरा शुरू महाकाल बाबा का आर्शीवाद लिया ,शाम को इंदौर में रोड शो ,क्षेत्र के लिए पूरे प्लान के साथ आये हैं कांग्रेस अध्यक्ष