नई दिल्ली,भाजपा के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना का शुक्रवार देर रात निधन हो गया। सन 1936 में पाकिस्तान के फैसलाबाद में जन्मे खुराना पिछले काफी समय से बीमार थे और दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। खुराना को वर्ष 2011 में ब्रेन हेमरेज हुआ था। इसके बाद से उनकी सेहत ठीक नहीं रही। दिल्ली सरकार ने खुराना के निधन पर दो दिन की शोक की घोषणा की है। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि 82 वर्षीय मदन लाल खुराना ने रात करीब 11 बजे अंतिम सांस ली। खुराना के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटा और दो बेटियां हैं। उनके एक अन्य बेटे का पिछले महीने ही निधन हो गया था। उनके बेटे हरीश खुराना ने बताया कि रात 11 बजे उनके पिता ने कीर्ति नगर स्थित घर पर अंतिम सांस ली। हरीश ने बताया कि उनके पिता के सीने में संक्रमण था और शनिवार सुबह से ही उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। देर रात दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने खुराना के घर जाकर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी।
नब्बे के दशक में ‘दिल्ली का शेर’ कहे जाने वाले खुराना ने दिल्ली में भाजपा को खड़ा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। खुराना साल 1993 से 1996 तक दिल्ली के सीएम भी रहे। वह राजस्थान के राज्यपाल भी रहे थे। 20 अगस्त 2005 को उन्हें अनुशासनहीनता के कारण भाजपा से निकाल दिया गया था। खुराना अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में संसदीय कार्य मंत्री रहे थे। वर्ष 2004 में उन्होंने सक्रिय राजनीति से खुद को अलग कर लिया था लेकिन कुछ साल बाद उन्होंने राजनीति में वापसी की थी। वह संघ के भी सक्रिय सदस्य थे। खुराना के निधन पर केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मदन लाल खुराना के निधन से बेहद दुखी हूं। एक वरिष्ठ नेता के नाते उन्होंने सदैव मेरा मार्गदर्शन किया।
वरिष्ठ भाजपा नेता मदन लाल खुराना का लम्बी बीमारी के बाद निधन