अहमदाबाद, गुजरात में उत्तर भारत से आये पर प्रांतीय मजदूरों पर हमले को लेकर सियासत गरमा गई है,बड़ी संख्या में यूपी ,बिहार और एमपी के लोगों के पलायन से हाहाकार मच गया है. राज्य के पुलिस महानिदेशक शिवानंद झा ने कहा कि किसी भी हमलावर को बख्शा नहीं जाएगा.
उन्होंने बताया कि प्रभावित इलाकों में पुलिस ने गश्त तेज कर दी है. अब तक 42 मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 342 लोगों को हिरासत में लिया गया है. झा ने कहा कि ज्यादातर हमले की घटना शाम के समय नौकरी से छूटने के वक्त घटीं हैं हमले की घटनाओं को देखते हुए मेहसाणा, साबरकांठा, अहमदाबाद और अरवल्ली इत्यादि जिलों में एसआरपी को तैनात कर दिया गया है. अहमदाबाद में एसआरपी की 5 कंपनियों को तैनात किया गया है. इसी प्रकार गांधीनगर में एसआरपी की 3 कंपनी मेहसाणा में एसआरपी की 4 कंपनीयां, साबरकांठा में एसआरपी की 3 कंपनी, बनासकांठा में ऐहतियात के तौर पर एसआरपी की 1 कंपनी को तैनात किया गया है. इसके अलावा में भी ऐहतियात के तौर पर एसआरपी की 2 कंपनियां लगाई गई हैं. फिलहाल एसआरपी की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है और जरूरत पड़ने पर इसकी संख्या बढ़ाई जाएगी. उन्होंने कहा कि स्थानीय नेताओं की मदद से इलाके में भरोसे का माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है| पुलिस इसके लिए सरपंच और अन्य की मदद लेगी. हम अपनी इंटेलिजेंस को मजबूत कर रहे हैं और ऐसी घटनाओं के पीछे असल वजह तक पहुंचने की कोशिश में जुटे हुए हैं.
गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले और मारपीट के बाद शहरों-कस्बों में बढ़ी पुलिस गश्त