अयोध्या,उत्तर प्रदेश के अयोध्या में रामलला के मंदिर निर्माण की मांग को लेकर माहौल फिर से गर्मा गया है। राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर आमरण अनशन कर रहे महंत परमहंस दास ने एक दिन पहले फैजाबाद जिला प्रशासन पर धमकाने का आरोप लगाया था। उधर,देर शाम पुलिस जबरन महंत परमदास को उठा ले गई। बताया जा रहा है कि अनशन पर होने के कारण महंत की हालत लगातार खराब हो रही थी। माना जा रहा है कि इसी कारण से पुलिस उन्हें अनशन स्थल से हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल ले गई है। ज्ञात हो कि परमहंस दास ने कहा कि शुक्रवार की रात एडीएम सिटी और अयोध्या सीओ ने जबरन अनशन को खत्म कराने की कोशिश की और उनके साथ में बैठे हुए लोगों को अनशन स्थल से भगा दिया। उन्होंने कहा, मौजूदा सरकार मेरे आमरण अनशन से बौखला गई है इसीलिए प्रशासन के लोग कह रहे हैं कि अनशन खत्म कराने का ऊपर से दबाव आ रहा है।
महंत परमहंस दास ने कहा था, मैं हिंसक प्रदर्शन नहीं कर रहा हूं। शांतिपूर्ण ढंग से हमारा अनशन चल रहा है। वजन गिरने के कारण अब मेरा दम घुटने लगा है और प्राण निकलने की स्थिति आ रही है। इसलिए यूपी सरकार भी मेरे साथ जबरदस्ती कर रही है और प्रशासन द्वारा मुझे अनशन खत्म करने की धमकी दी जा रही है। उधर, महंत के आरोप पर अयोध्या के सीओ आरके साव ने कहा था कि अनशन पर बैठे महंत जी का स्वास्थ्य धीरे-धीरे गिर रहा है, इसीलिए शुक्रवार की रात हम लोग उनसे अनुरोध करने गए थे। उन्होंने कहा कि जबरदस्ती जैसी कोई भी बात वहां नहीं हुई है। अगर महंत जी अपने अनशन को खत्म नहीं करते हैं तो हम लोग उन्हें फिर से मनाने जाएंगे। गौपतलब है कि महंत परमहंस दास ने आरोप लगाया है कि मोदी सरकार किसी भी तरह राम मंदिर में पहल नहीं करना चाह रही है। वह केवल राम मंदिर के नाम पर 2019 का चुनाव फिर लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सरकार ने राम मंदिर निर्माण के लिए जल्द कदम नहीं उठाया तो कुछ दिन बचे हैं और फिर आचार संहिता लग जाएगी और मामला फिर वर्षों के लिए लटक जाएगा।
आमरण अनशन कर रहे महंत परमहंस दास की हालत बिगड़ी, पुलिस ने हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया