देश में MP गरीबी में चौथे नंबर पर,आलीराजपुर देश का सबसे गरीब जिला

भोपाल,संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) और ओपीएचआई की एक रिपोर्ट ने मध्यप्रदेश के सियासी गलियारों में तेज हलचल पैदा कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार देश के 29 राज्य में गरीबी के मामले में मध्यप्रदेश चौथे नंबर पर है, जबकि प्रदेश का अलीराजपुर देश का सबसे गरीब जिला है। देश में सबसे गरीब जिला बिहार, दूसरे नंबर पर झारखंड, तीसरे पर यूपी है। यूएनडीपी की रिपोर्ट के अनुसार केरल और लक्षद्वीप में गरीबी शून्य है। यह रिपोर्ट शिक्षा, स्वास्थ्य और जीवन स्तर, पोषण, बाल मृत्यु दर, स्वच्छ पानी तक पहुंच, खाना पकाने का ईंधन, स्वच्छता, बिजली, आवास व संपत्ति आदि मानकों के आधार मानकर तैयार की गई है। रिपोर्ट को तैयार करने के लिए अगर किसी व्यक्ति के पास रिपोर्ट में दिए गए 10 मानकों में से अगर एक तिहाई मानकों की पहुंच नहीं है, तो वह गरीब माना गया है।
ऐसे तैयार की रिपोर्ट
वैश्विक बहुआयामी गरीबी सूचकांक- 2018 नाम की रिपोर्ट 10 मानकों के आधार पर 2015-16 के डेटा के आधार पर तैयार की गई है।
आरक्षण के बाद भी आधी आबादी गरीब
यूएनडीपी की रिपोर्ट में बिहार के बारे में कहा गया है कि राज्य की आधे से ज्यादा आबादी गरीब है। इन राज्यों में आदिवासियों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं और शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण के बावजूद 50 प्रतिशत से ज्यादा आदिवासी गरीब हैं।
किस राज्य में कितनी गरीबी
यूएनडीपी के इंडिया निदेशक फ्रांंकाईन पिकप के मुताबिक अगर इन राज्यों ने तत्काल प्रभाव से शिक्षा, सेहत और रोजगार संबंधी योजनाओं की जमीनी स्तर पर नहीं उतारा तो कगार पर खड़े लोग पूर्ण गरीब की श्रेणी में चले जाएंगे।
रिपोर्ट के अनुसार झारखंड व मप्र में 20.6 प्रतिशत लोग गरीबी की कगार पर खड़े हैं। बिहार में 19.3प्रतिशत और यूपी में 19.7प्रतिशत लोग गरीबी के हाशिए पर हैं।
यहां बिल्कुल नहीं गरीबी
केरल, लक्षद्वीप, सिक्किम, तमिलनाडु में गरीबी का प्रतिशत 1 फीसदी से भी कम है। केरल – 0.0 प्रतिशत लक्षद्वीप – 0.0प्रतिशत सिक्किम – 0.1प्रतिशत, तमिलनाडु – 0.2 है।
76.5 प्रतिशत अलीराजपुर में गरीब
यूएनडीपी की रिपोर्ट के मुताबिक देश में सबसे गरीब जिला मध्यप्रदेश का अलीराजपुर है। जिले की कुल जनसंख्या में से 76.5 प्रतिशत लोगों को गरीबी युक्त जीवन जी रहे हैं।
सकते में शिवराज सरकार
चुनाव के ऐनवक्त पहले आई यह रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार के लिए चिंता का विषय बन गई है। क्योंकि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने हर भाषण में प्रदेश के विकास की बातें करते हंै, जबकि रिपोर्ट का स्याह सच बिल्कुल अलग है । मुख्यमंत्री कहते हैं कि जब वे 13 साल पहले सत्ता में आए तो प्रदेश बीमारू राज्य की श्रेणी में आता था। उनकी सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आज प्रदेश विकास दर में नंबर वन पर है। प्रदेश अब विकसित राज्य की ओर कदम रख चुका है।
कमलनाथ ने बोला हमला
शिवराज के 13 साल का यह है विकास
रिपोर्ट आने के बाद मप्र कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया- वैश्विक बहु-आयामी गरीबी सूचकांक 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे गरीब राज्यों में मध्यप्रदेश चौथे नं. पर और देश का सबसे गरीब जि़ला अलिराजपुर।
गरीबी को लेकर रोज भाषण में कांग्रेस को कोसने वाले शिवराज सिंह की 13 वर्ष की सरकार की ये है हकीकत। सिर्फ भाषण में है विकास।

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