जबलपुर,मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आर एस झा तथा न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की खंडपीठ ने एमपी आरडीसी के चेक पोस्ट को बंद करने के आदेश को स्थगित कर दिया है। इस मामले की सुनवाई अब एक अन्य याचिका के साथ 3 अक्टूबर को होगी।
परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव ने 12 सितंबर 2017 को राज्य की सड़क सीमा पर स्थित मानव चलित चेक पोस्ट बंद करने के आदेश पर परिवहन आयुक्त को जारी किए थे। अगले दिन ही आयुक्त ने प्रदेश की सीमा में स्थिति सभी मानव चरित्र चेक पोस्ट बंद करने के निर्देश जारी किए थे। उसके बाद एमपीआरडीसी का कंप्यूटरीकृत चेक पोस्ट ही काम कर रहा था।
इस आदेश के विरोध में याचिकाकर्ता के अधिवक्ता रविंद्र नाथ त्रिपाठी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि नई व्यवस्था मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 19 का उल्लंघन करती है। इस धारा में प्रावधान है, कि वाहनों की ओवरलोडिंग, रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस, परमिट, चेक करने का अधिकार सिर्फ परिवहन कर्मचारियों को ही होगा। कंप्यूटर के माध्यम से यह कार्य विधि सम्वत तरीके से नहीं हो पाएंगे। इसके लिए एक्ट में संशोधन होना भी जरूरी है।
प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ ने याचिका को विचारार्थ स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर तय कर दी है। इस बीच 12 सितंबर 2017 के आदेश को स्थगित कर दिया है।
परिवहन विभाग के चेक पोस्ट नहीं होंगे बंद, हाईकोर्ट ने निरस्त किया एमपीआरडीसी का आदेश