भोपाल, देश में काफी तेजी से बढ़ रहे पेट्रोल डीज़ल के दामों के बीच मध्यप्रदेश में पेट्रोल डीजल से वैट कम नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने के मूड में कतई नजर नहीं आ रही है। मध्यप्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमत अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, लेकिन चुनाव सिर पर होने के बावजूद राज्य सरकार इससे राहत देने के लिए तैयार नहीं है। प्रदेश के वित्त और वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने साफ कर दिया है कि राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल से वैट नहीं घटाएगी। इधर, कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के विरोध में कांग्रेस आंदोलन की तैयारी करने लगी है। जयंत मलैया ने कहा कि राज्य सरकार वैट कम नहीं करेगी। पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने पर उन्होंने कहा कि इस पर केंद्र सरकार फैसला करेगी। अगले महीने बैठक है, उसमें यह विषय आ सकता है।
पिछले साल अक्टूबर में केंद्र सरकार के दबाव के बाद राज्य ने पेट्रोल से तीन प्रतिशत और डीजल से पांच प्रतिशत वैट कम किया था। इससे हर महीने मप्र को 80 करोड़ रुपए का राजस्व नुकसान हो रहा है।वित्त मंत्री पहले ही कह चुके हैं कि मप्र इसके लिए तैयार है, लेकिन इसकी पहल केंद्र सरकार को करना है। 2014-15 में मप्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट से 6 हजार 504 करोड़ रुपए कमाए थे, यह आय 2015-16 में 7 हजार 213 करोड़, 2016-17 में 8 हजार 903 करोड़ और 2017-18 में 9 हजार 252 करोड़ रुपए हो गई।मालूम हो कि राज्य सरकार पेट्रोल पर 28 प्रतिशत वैट, एक प्रतिशत सैस और 4 रुपए प्रति लीटर एडिशनल टैक्स लेती है। वहीं डीजल पर 22 प्रतिशत वैट और एक प्रतिशत सैस लेती है। मप्र सरकार पेट्रोल-डीजल को जीएसटी में शामिल करने को तैयार है।
मलैया की दो टूक पेट्रोल-डीजल पर MP सरकार कम नहीं करेगी वैट