बेंगलुरू,पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया कि देश में मौजूदा सरकार के तहत आपातकाल जैसे हालात हैं और माओवादी संबंधों के संदेह में पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी दिखाती है कि विरोध की कोई भी आवाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि कल जो हुआ वह बोलने और प्रेस की आजादी पर हमले का अहम उदाहरण है। पूर्ववर्ती एनडीए सरकार में मंत्री रहे सिन्हा मौजूदा नरेंद्र मोदी सरकार के कटु आलोचक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आलोचना और विरोध के सुर को दबाने के लिये एक साजिश की जा रही है। यह गिरफ्तारियां दिखाती हैं कि विरोध की आवाज उठाने वाले लोग सुरक्षित नहीं हैं और विरोधी आवाज को दबाने के कई तरीके हैं। पांच कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी स्पष्ट रूप से यह दिखाती है कि देश में मौजूदा केंद्र सरकार के तहत भारत में आपातकाल जैसे हालात हैं। पूर्व में अदालतों द्वारा कई दुर्भाग्यपूर्ण फैसले पारित हुए हैं, उनमें से सबसे नया है। कई तरीके हैं जिससे किसी को चुप कराया जा सकता है। सरकार के द्वारा नहीं बल्कि किसी निजी पक्ष द्वारा जो इस मामले में शामिल हो और फिर मैं अपने बचाव के लिये अदालतों के चक्कर लगाता रहूंगा। पुणे पुलिस ने कल विभिन्न राज्यों में कुछ प्रमुख कार्यकर्ताओं के घरों पर छापे मारे और माओवादी संबंधों के शक में उनमें से कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया था।
भीमा कोरेगांव मामले पर यशवंत बोले देश में अब भी हैं आपातकाल जैसे हालात