लखनऊ, सूबे की कानून-व्यवस्था के साथ ही देवरिया काण्ड को लेकर सोमवार को विधानसभा में विपक्ष ने सरकार को घेरा और जमकर हंगामा किया। विपक्ष का आरोप था कि सत्तापक्ष के संरक्षण में ही देवरिया काण्ड हुआ है। विपक्ष के हंगामे के चलते जहां प्रष्नकाल नहीं हो सका तो वहीं पूरे दिन हुई नारेबाजी और हंगामें के बीच आज के लिए तय किए गए सारे कार्य निपटाये गए। वहीं विपक्ष पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिस देवरिया संरक्षण गृह को लेकर विपक्ष हंगामा कर रहा है, उसे मान्यता और अनुदान उन्हीं की सरकारों में दिया गया। जबकि वर्तमान सरकार ने तो उसकी मान्यता रद्द कर दी थी। उन्होंने दावा किया कि उप्र की कानून-व्यवस्था भी देष के अन्य राज्यों से बेहतर है। विपक्ष अपने नकारेपन को छिपाने के लिए विधानसभा में चर्चा के बजाये हंगामा कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का यह आचरण लोकतंत्र के लिए शुभ लक्षण नहीं है।
मानसून सत्र के दौरान सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरु होते ही प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी के नेता एवं नेता विरोधी दल रामगोविन्द चैधरी ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था के साथ ही देवरिया बालिका संरक्षण गृह का प्रकरण उठाते हुए इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग की। इसी तरह की मांग बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के सदस्यों ने भी की। लेकिन विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने इस विषय पर शून्य काल में चर्चा कराने की बात कही। जिसके बाद सपा सदस्य अध्यक्ष पीठ के आसन के सामने वेल में आ गए। उनके साथ ही कांग्रेस सदस्य भी वेल में आ गए। दोनों दलों के सदस्यों ने देवरिया काण्ड पर तत्काल चर्चा की मांग पर जोर देते हुए सरकार विरोधी नारेबाजी शुरु कर दी। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने कई बार हंगामा बंद करने का अनुरोध किया लेकिन हंगामा जारी रहा। संसदीय कार्यमत्री सुरेश खन्ना ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहाकि सभी आरोपियों को गिरफतार कर लिया गया है, दोषी प्रशासनिक अधिकारियो के खिलाफ कार्यवाही की जा चुकी है। सरकार ने पूरे प्रकरण की सीबीआई से जांच कराये जाने की संस्तुति भी कर दी है। सरकार किसी को बख्शेगी नहीं। सदन अव्यवस्थित देख श्री दीक्षित ने सदन की कार्यवाही पहले आधे घण्टे के लिए स्थगित की बाद में कार्यवाही दोपहर 12ः20 बजे तक स्थगित कर दी गयी। इस कारण प्रश्नकाल नहीं हो सका। वहीं शून्य काल में भी सपा और कांग्रेस के सदस्य वेल में डटे रहे और नारेबाजी जारी रखी। इसी हंगामे और शोरगुल के बीच अनुपूरक अनुदान मांगें व विधेयक आदि पेश कर सदन की कार्यवाही कल 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।
सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद विपक्ष का आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि विपक्ष विषेषकर सपा और कांग्रेस के नकारात्मक रवैये के कारण विधानसभा में सार्थक बहस नहीं हो पा रही है। सदन में चर्चा के बजाये अनावष्यक शोर-शराबा और हो-हल्ला किया गया। उन्होंने कहा कि चंद मुठ्ठी भर लोग विधानसभ को बंधक बनाकर अन्य विधायकों के अधिकारों पर अतिक्रमण नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए शुभ लक्षण नहीं है। उन्होंने प्रदेष की कानून-व्यवस्था को अन्य राज्यों से बेहतर बताते हुए कहा कि यही कारण है कि यहां चार लाख 68 हजार करोड़ के निवेष प्रस्ताव आये हैं। कानून-व्यवस्था बीते 15 साल में सबसे अच्छी वर्तमान में है। देवरिया काण्ड का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष जब सत्ता में था तो क्या-क्या गुल नहीं खिलाये गए।
देवरिया काण्ड को लेकर विपक्ष ने किया विस में हंगामा, प्रश्न काल बाधित