रायपुर, मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह आज गोंडवाना भवन में आयोजित भोजली महोत्सव में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर कहा की प्राचीनतम वनवासी संस्कृति में भोजली महोत्सव भोजली माता की आराधना से प्रकृति का आशीर्वाद लेने का भी पर्व है। जब तक वन रहेंगे और अन्न उत्पन्न होगा, हमारा समाज खुशहाल रहेगा। उन्होंने कहा की भोजली महोत्सव के माध्यम से गोंडवाना समाज ने अपनी संस्कृति के संरक्षण के लिए प्रतिबद्धता दर्शाई है, जो सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार एक बड़े अनुसंधान संस्थान की स्थापना करने जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोंडी भाषा की लिपि, पाठ्यक्रम तैयार करने और गोंडी भाषा की पढ़ाई के लिए शिक्षकों की व्यवस्था करने के प्रयास राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने गोंडवाना समाज को नया रायपुर के निकट 5 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने और प्रतिवर्ष भोजली महोत्सव के आयोजन के लिए बजट में पांच लाख रुपये का स्थाई प्रावधान करने की घोषणा भी इस अवसर पर की।
भोजली महोत्सव प्रकृति का आशीर्वाद लेने का पर्व