लखनऊ, उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है। यही वजह है कि विभिन्न इलाकों में बारिश का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। प्रदेश के कुछ पश्चिमी इलाकों में भारी से बहुत भारी वर्षा भी हुई। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक अभी कुछ और दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहने की सम्भावना है।
बीते 24 घंटों के दौरान सूबे के बरेली में सबसे ज्यादा 21 सेंटीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गयी। इसके अलावा बिलारी में 20, बदायूं में 16, मुरादाबाद में 14, रामनगर और मुरादाबाद में 13-13, नगीना में 12, शाहजहांपुर तथा बनी में 11-11, आंवला, कायमगंज और फतेहगढ़ में 10-10, फतेहपुर, कन्नौज, सोरांव, शाहजहांपुर तथा ठाकुरद्वारा में नौ-नौ सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गयी। वहीं छिबरामऊ, फूलपुर, कुंडा, नीमसार, निघासन, रामपुर और जलालाबाद में आठ-आठ सेंटीमीटर, सवायजपुर, धौरहरा, नजीबाबाद, धामपुर तथा जालौन में सात-सात संेटीमीटर बारिश रिकाॅर्ड की गयी। उधर, अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में वर्षा होने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश भी हो सकती है।
भारी और छिटपुट वर्षा के चलते राज्य की नदियां भी उफान पर हैं। घाघरा नदी का जलस्तर कई स्थानों पर खौफ पैदा कर रहा है। एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में यह खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं, शारदा नदी का जलस्तर पलियाकलां (लखीमपुर खीरी) में लाल चिह्न के ऊपर बना हुआ है। इसके अलावा गंगा नदी गढ़मुक्तेश्वर, नरौरा, फतेहगढ़, गुमटिया, अंकिनघाट और कानपुर में खतरे के निशान के नजदीक बह रही है। वहीं, क्वानो और शारदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
यूपी में अभी नहीं थमेगी बारिश,नदियां उफान पर घाघरा ने पार किया खतरे का निशान