छतरपुर,लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रमोद श्रीवास्तव अभी हाल ही में निलंबित हुए और लगभग एक सप्ताह के बाद बहाल होकर पुन: पदस्थ हुए और विवादों में फिर घिर गए। मिली जानकारी के अनुसार लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री प्रमोद श्रीवास्तव ने आज अपने ही विभाग के एक लिपिक के साथ मारपीट और गालीगलौज की और अपनी लायसेंसी बंदूक से जान से मारने की धमकी देकर लिपिक को पीटा। पूरा स्टाफ यह नजारा देखता रहा। मामला मीडिया में आने के बाद प्रमोद श्रीवास्तव अपने बच्चों की कसम खाते हुए गिडगिड़ाते रहे। मजेदार बात ये है कि 29 जुलाई को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जन आर्शीवाद यात्रा के दौरान चंदला में मंच से गिरे। आनन फानन में कमिश्रर मनोहर दुबे ने उन्हें निलंबित कर दिया। उस समय एसडीओ आरएस शुक्ला को प्रभारी कार्यपालन यंत्री का चार्ज मिला तो शुक्ला ने मोके का फायदा उठाते हुए एक ठेकेदार पंकज मिश्रा को डेढ़ करोड़ एवं साढ़े चार करोड़ के दो टैंडर स्वीकृत कर दिए और बाकायदा एग्रीमेंट कर वर्कआर्डर भी जारी कर दिए।संबंधित लिपिक राकेश तिवारी ने अपने अधिकारी के आदेश का पालन किया। 9 अगस्त को प्रमोद श्रीवास्तव का निलंबन समाप्त हुआ और वह पुन: अपने कार्य पर लौटे तो उन्हें इसकी जानकारी लगी। उन्होंने अपने कार्यालय में चपरासी कैलाश लखेरा से लिपिक राकेश तिवारी को बुलवाया और बोले कि जो भी टैंडर स्वीकृत हुए हैं उसका कमीशन मुझे चाहिए जिस पर तिवारी ने कहा कि मौके पर ठेकेदार मौजूद है आप स्वयं बात कर लें। यह जबाव कार्यपालन यंत्री को न गवारा गया और उन्होंने मौके पर ही सभी कर्मचारियों के सामने राकेश तिवारी के साथ गाली गलौज की और मारपीट कर दी। उसके बाद अपने पास रखी लायसेंसी बंदूक भी उन्होंने उसके सीने पर तान दी। घबराकर राकेश तिवारी किसी प्रकार अपनी जान बचाकर भागा और सिटी कोतवाली में कार्यपालन यंत्री के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी। लिपिक ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि पीडब्ल्यूडी ईई जब से छतरपुर में पदस्थ हैं तब से वह लगातार गलत कार्य कर रहे हैं और ठेकेदारों से मनमाने तरीके से कमीशन वसूल करते हैं। यदि कोई ठेकेदार इसका विरोध करता है तो उसके खिलाफ कार्यवाही करने की धमकी देते हैं।पूरे विभाग में हिटलरशाही जैसा माहौल बनाए हुए हैं। हम लोगों ने इसकी शिकायत विभाग के ईएनसी सीई एवं अधीक्षण यंत्री से कर दी है। वहीं दूसरी ओर एसडीओ आरएस शुक्ला को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने एक हफ्ते की छुट्टी लेकर कार्यालय से नदारत हो गए हैं। पूरा मामला कमीशनखोरी का है विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक करोड़ के काम पर कार्यपालन यंत्री तीन से पांच प्रतिशत की कमीशन राशि लेते हैं। जो कि उन्हें निलंबित के दौरान हुए टैंडरों में नहीं मिली। उसी से बौखलाए ई ने अपना पूरा गुस्सा लिपिक राकेश तिवारी पर उतार दिया। लिपिक राकेश तिवारी ने मीडिया से कहा है कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगा। गौरतलब हो कि प्रमोद श्रीवास्तव जब से छतरपुर जिले में पदस्थ हुए हैं तब से विवादों में लगातार घिरे हुए हैं। उनके ऊपर अनैतिक एवं भ्रष्टाचार के खुलकर आरोप लग रहे हैं। इसके पूर्व भी कई ई पदस्थ रहे परंतु ऐसा माहौल कभी छतरपुर में नहीं रहा। प्रमोद श्रीवास्तव के द्वारा आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का भी आरोप ठेकेदारों ने लगाया है। जिसकी शिकायत लोकायुक्त एवं आर्थिक अनिवेषण अनुशंधान भोपाल में कर दी गई है। फिलहाल प्रमोद श्रीवास्तव के खिलाफ जिले के सभी ठेकेदार और अब कर्मचारी भी लामबंद हो रहे हैं। इससे भाजपा सरकार की अच्छी खासी किरकिरी हो रही है। सिटी कोतवाली पुलिस ने राकेश तिवारी के आवेदन पर जांच शुरु कर दी है और जांच होने के बाद आगे की कार्यवाही हो सकती है।
कमीशन के रुपयों को लेकर विवाद के बाद PWD के EE के खिलाफ बाबू ने दर्ज कराई रपट