घुसपैठियों को देश में नहीं रहने देंगे, हिन्दू शरणार्थियों को देंगे नागरिकता-अमित शाह

मेरठ,अब यह साफ हो चला है कि भारतीय जनता पार्टी बांग्लादेषी घुसपैठियों के मुद्दे को पूरे देष में हवा देकर इसे अगले साल होने वाले चुनावी में इसे भुनाने की तैयारी कर ली है। पष्चिम बंगाल हो या फिर उप्र रह जगह भाजपा अध्यक्ष अमित शाह अपने भाषणों में इसी मुद्दे की पुरजोर चर्चा करने से नहीं चूक रहे हैं। उप्र भाजपा की प्रदेष कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के समापन के मौके पर पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को देश में नहीं रहने दिया जाएगा। विपक्षी दल चाहे जितना हो-हल्ला करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार असम के 40 लाख घुसपैठियों में एक-एक को बाहर करेगी।
लोकसभा चुनाव से पहले उप्र के पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनावी रणनीति से रूबरू कराने पहुंचे अमित शाह ने कहा कि विपक्षी दल चाहे जितना हो-हल्ला करें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार असम के 40 लाख घुसपैठियों में एक-एक को बाहर करेगी। उन्हांेने कहा कि देश में जहां-जहां घुसपैठिये हैं, उन सबको देश से बाहर जाने का रास्ता भाजपा सरकार दिखाएगी। उन्होंने कहा कि हिन्दू शरणार्थियों को देश में लाया जाएगा और उन्हें नागरिकता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार घुसपैठियों के प्रति कोई उदारता बरतने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में घुसपैठियों को शरण देने के मामले में वह कल ममता बनर्जी को चेताकर आये हैं। उन्हांेने कहा कि 2019 के चुनाव का रोडमैप उत्तर प्रदेश ही तय करेगा। यदि हम 2019 का चुनाव जीतते हैं और देश चलाने का लंबा समय मिला तो तुष्टिकरण, जातिगत भेदभाव व परिवारवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि महागठबंधन से कैसे लडना है यह पार्टी पर छोड़ दीजिए। आप लोग गली मोहल्लों तक पहुंचिए। यदि आप लोग चट्टान की तरह खड़े होकर रहेंगे तो जीत निश्चित है। उन्होंने कार्यकर्ताओं का आह्वान किया कि 2019 में इस तरह एकजुट होकर पार्टी के लिए काम करें कि ताकि 74 सीट का जो लक्ष्य यूपी से है, उसे हासिल कर लें।
अपने करीब 45 मिनट के भाषण में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने सम्बोधन को हिन्दुत्व, दलित, पिछड़ा और कार्यकर्ताओं को पार्टी के प्रति समर्पित रहने की नसीहत देने तक सीमित रखा। उन्होंने कहा कि पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा देने का काम मोदी सरकार ने किया।

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