नई दिल्ली,हजारों करोड़ का पीएनबी घोटाला कर देश से भागे हीरा कारोबारी मेहुल चौकसी पर शिकंजा कसता जा रहा है। भारत से भागकर उसने कैरेबियाई देश एंटीगा की नागरिकता हासिल कर ली थी, जिसके साथ प्रत्यर्पण डील नहीं थी। वहीं एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत और एंटीगा ने प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसमें अब चौकसी को आसानी से कानूनी प्रक्रिया के तहत वहां से भारत लाया जा सकता है। बता दें कि चौकसी के एंटीगा में मौजूद होने की पुष्टि होने के बाद भारतीय एजेंसियां उसतक पहुंचने के लिए हरसंभव विकल्प पर काम कर रही थीं। चौकसी के मामले में मिली यह कामयाबी मोदी सरकार के लिए भी राहत की बात है क्योंकि सरकार के रवैये पर विपक्ष हमलावर था। मेहुल चौकसी ने एंटीगा की नागरिकता ले रखी है।भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से एक नोटिफिकेशन भी जारी किया गया है। भारत सरकार ने कहा है कि प्रत्यर्पण संधि 1962 के प्रावधान एंटीगा ऐंड बरबुडा पर भी लागू होगा। इससे पहले एंटीगा ने कहा था कि दोनों देशों के राष्ट्रमंडल का सदस्य होने के नाते उसके कानून में चौकसी के प्रत्यर्पण का स्कोप है, भले ही दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि न हो।
सरकार का नोटिफिकेशन
हाल में एंटीगा सरकार की ओर से बताया गया था कि भारत की ओर से पुलिस क्लियरेंस मिलने के बाद ही भगौड़े कारोबारी को नागरिकता दी गई। एंटीगा सरकार की सिटिजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट यूनिट (सीआईयू) ने अपने बयान में बताया था कि उस मई 2017 में मेहुल चौकसी का आवेदन मिला था। आवेदन में चौकसी ने सारे जरूरी कागजात जमा किए थे जिसमें एंटीगा ऐंड बारबुडा सिटिजनशिप बाय इन्वेस्टमेंट एक्ट 2013 के सेक्शन 5(2)(बी) के तहत जरूरी पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट भी शामिल था। इस पर विपक्ष की ओर से सरकार पर आरोप लगाए जाने लगे। हालांकि पुलिस क्लियरेंस को लेकर मुंबई पुलिस का कहना है कि चौकसी को 2015 में तत्काल श्रेणी से पासपोर्ट जारी किया गया, जिसमें पुलिस वेरिफिकेशन की जरूरत नहीं होती है। मुंबई पुलिस ने कहा है कि चौकसी ने 4 जनवरी 2018 को देश छोड़ा था और सीबीआई ने 31 जनवरी 2018 को उसके खिलाफ केस दर्ज किया था। बयान के मुताबिक चौकसी के पासपोर्ट को 23 फरवरी 2018 को मुंबई के रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर ने रद्द कर दिया था।
चौकसी पर कसा शिकंजा, भारत और एंटीगा के बीच हुई प्रत्यर्पण संधि