रायपुर,छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में महर्षि आश्रम की 156 एकड़ जमीन का फर्जी कागजात तैयार कर करोड़ों रुपए में बेचने वाले एक आरोपी को छत्तीसगढ़ पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। दरअसल, तखतपुर थाना अंतर्गत साल 2011 में महर्षि आश्रम के एसआरएम फाउंडेशन ऑफ इंडिया नई दिल्ली की कृषि जमीन तखतपुर तहसील बिलासपुर मुख्य मार्ग ग्राम देवरी और खमरिया में 156 एकड़ कृषि भूमि थी।
लिहाजा, आरोपी ने इस कृषि भूमि का फर्जी दस्तावेज तैयार कर राजनांदगांव के कुछ लोगों को बेच दिया था। इस पर प्रार्थी ने व्यवहार न्यायालय तखतपुर में याचिका दायर की थी। इसके बाद मामला व्यवहार न्यायाधीश सुनील कुमार नंदे के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां व्यवहार न्यायाधीश ने मामले को सच पाया। बता दें कि 124 अय्यप्पा नगर भिलाई थाना सुपेला निवासी जीआर रामचंद्र मोहन ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज बनाकर करीब 90 एकड़ जमीन नरेश कुमार रामटेक, संजय राम रामचंदानी, राजेश सिंह राजपूत, खोमेश्वर साहू को 1.40 करोड़ साल 2011 में बेच दिया था।
वहीं एसआरएम फाउंडेशन को पता चलने पर न्यायालय में आपत्ति दर्ज कर नामांतरण पर रोक लगाने की मांग की थी, जिस पर छत्तीसगढ़ में जमीन की देखरेख करने वाले दिनेश चंद्र खरे ने बीते 16 दिसंबर 2011 को रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस अधीक्षक आरिफ एच शेख ने बताया कि लिखित रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर मुख्य आरोपी जीआर रामचंद्र मोहन की तलाश शुरू कर दी थी। इसी क्रम में करीब 6 साल बाद मामले में एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर विवेचना शुरू कर दी है।
फर्जी तरीके से महर्षि आश्रम की भूमि करोड़ों में बेचने वाला आरोपी मुंबई से गिरफ्तार