भोपाल,स्टायपेंड बढाने सहित अन्य मांगों को लेकर करीब पांच दिन से हडताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स् (जूडॉ) अब काम पर लौट गए हैं। जूडॉ के दुबारा काम शुरु करने से मरीज और उनके परिजन अब राहत महसूस कर रहे हैं। राजधानी के दोनों बडे सरकारी अस्पतालों हमीदिया और जेपी अस्पताल में हालात तेजी से सामान्य होते जा रहे हैं। कल हमीदिया में 1678 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे। 155 से ज्यादा भर्ती हुए, इमरजेंसी में 292 मरीजों ने इलाज कराया और 62 के ऑपरेशन हुए। हड़ताल वाले दिनों को छोड़कर सामान्य दिनों में ओपीडी में 1500, भर्ती 55, इमरजेंसी में 200 और ऑपरेशन कराने वाले मरीजों की संख्या 55 के आसपास रहती है। इस तरह देर रात तक 2125 मरीजों ने इलाज कराया। इधर हड़ताल के दौरान निलंबित चार जूनियर डॉक्टर व छह नर्सिंग कर्मचारियों को गांधी मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. एमसी सोनगरा ने बहाल कर दिया। इन्होंने शनिवार से ज्वाइन भी कर लिया। इन्हें हड़ताल में शामिल होने के चलते निलंबित किया था।अन्य दिनों की तुलना में शनिवार सुबह से हमीदिया अस्पताल में डॉक्टरों की आवाजाही बढ़ गई थी। मरीजों की संख्या कम थी जो दोपहर होते ही बढ़ी। ओपीडी समय खत्म होने के पहले खासी भीड़ हो गई। मरीजों को उपचार और जांच के लिए घंटों कतार में इंतजार करना पड़ा। इलाज के बाद दवा काउंटरों पर दोपहर 3 बजे तक मरीजों की भीड़ रही।मालूम हो कि हमीदिया अस्पताल में सोमवार से जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जूडा) हड़ताल कर रहा था, इसके चलते हालात बिगड़ गए। मरीज और परिजनों को परेशान होना पड़ा। दर्जनों मरीजों ने अस्पताल छोड़ दिया। हड़ताल के कारण ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों की संख्या भी कम हो गई थी। हड़ताल में शामिल डॉक्टरों पर शासन ने काफी सख्ती दिखाई। बाद में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा राधेश्याम जुलानिया, जीएमसी प्रबंधन और जूडा के बीच हुई बातचीत के बाद हड़ताल खत्म होने के बाद डॉक्टर शनिवार से काम पर लौट गए हैं। इस बारे में हमीदिया अस्पताल के अधीक्षक, डॉ एके श्रीवास्तव का कहना है कि जूनियर डॉक्टर सुबह से ही काम पर लौट गए थे। हड़ताल के बाद पहले दिन देर रात तक 62 मरीजों के ऑपरेशन हुए 2125 को इलाज मिला।
काम पर लौटे जूडॉ, सामान्य हुए हालात,मरीज और परिजनों को राहत