लखनऊ,यूपी की राजधानी लखनऊ में 25 जुलाई को शिक्षामित्रों के समायोजन रद्द होने के एक साल पूरे होने पर लखनऊ के ईको गार्डन में शिक्षामित्रों ने अपना सिर मुंडवाकर विरोध दर्ज कराया था। लेकिन अब इन्हीं शिक्षामित्रों से पढ़ने वाले छोटे मासूम बच्चों के सिर मुंडवाए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि,इन फोटो को देखकर अब शिक्षामित्रों पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। दरअसल,रायबरेली की एक शिक्षामित्र ने अपने साथ ही स्कूली बच्चों का सिर मुंडे फोटो शेयर किए हैं, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। हालांकि,महिला शिक्षामित्र का कहना है कि छात्रों ने खुद उनके सिर मुंडवाने पर अपना भी मुंडन करवा लिया। लेकिन सवाल यह है कि जिन छात्रों ने मुंडन करवाया है वे एक और दो के छात्र हैं। उन्होंने अपने विवेक से ऐसा फैसला कैसे ले लिया। मामला रायबरेली के पूरे लोधन प्राथमिक विद्यालय का है,महिला शिक्षामित्र सुमन ने कहा कि ‘मैंने किसी को सिर मुंडवाने के लिए नहीं कहा। स्कूल पहुंची तो बच्चे क्लास में सिर मुंडाकर आए थे।
शिक्षामित्र सुमन ने कक्षा 1 और 2 के सिर मुंडवाए करीब 8 बच्चों साथ अपनी फोटो व्हाट्सएप्प पर शेयर की। जिसके बाद लोगों ने इस फोटों को ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। लेकिन सवाल यह है कि कक्षा 1-2 के इन मासूम बच्चों को क्या इतनी समझ है कि पढ़ाने वाली टीचर को देखकर उनके समर्थन में या उनसे प्रेरित होकर अपने बाल खुद मुंडवा लें? वहीं इस फोटो के बाद अब ऐसा ही एक और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जो कि बुलंदशहर के स्कूल का होने का दावा किया जा रहा है।
बता दें 25 जुलाई 2017 को सुप्रीम कोर्ट ने यूपी के प्राथमिक स्कूलों में सहायक अध्यापक बनाए गए लगभग 1.37 लाख शिक्षामित्रों के समायोजन को असंवैधानिक करार दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद लाखों शिक्षामित्र निराश हुए थे। सैकड़ों शिक्षामित्रों ने आत्महत्या कर ली थी। फैसले के बाद लखनऊ के लक्ष्मण मेला ग्राउंड पर कई दिनों तक लगातार धरना प्रदर्शन का दौर चला था। साल भर चले आंदोलन के दौरान अब तक 700 से ज्यादा शिक्षामित्रों की जान जा चुकी है।
महिला शिक्षामित्रों ने छात्रों के साथ सिर मुंडवाए फोटो शेयर किये