लखनऊ,‘‘इन दिनों मुझ पर एक इल्जाम लगाया गया है कि मैं चैकीदार नहीं, भागीदार हूं लेकिन देशवासियों मैं इस इल्जाम को इनाम मानता हूं। मुझे गर्व है कि मैं भागीदार हूं। मैं देश के गरीबों के दुख का भागीदार हूं। मेहनतकश मजदूरों के दुखों और हर दुखियारी मां की तकलीफों का भागीदार हूं। मैं उस हर मां के दर्द का भागीदार हूं जो लकड़ियां बीनकर घर का चूल्हा जलाती है। मैं उस किसान के दर्द का भागीदार हूं जिसकी फसल सूखे या पानी में बर्बाद हो जाती है। मैं भागीदार हूं, उन जवानों के जुनून का, जो हड्डी गलाने वाली सर्दी और झुलसाने वाली गर्मी में देश की रक्षा करते हैं। मैं गरीबों के सिर पर छत दिलाने, बच्चों को शिक्षा दिलाने, युवाओं को रोजगार दिलाने, हवाई चप्पल पहनने वालों को हवाई यात्रा कराने की हर कोशिश के भागीदार हूं।’’
यह उदबोधन किसी और का नहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का है। जिन्होंने शनिवार को यहां कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर जमकर व्यंग्यबाण चलाये। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि ‘‘गरीबी की मार ने मुझे जीना सिखाया है। गरीबी का दर्द मैंने करीब से देखा है। मगर जिसके पांव फटे ना बिवाई, वह क्या जाने पीर पराई।’’ प्रधानमंत्रीयहां स्मार्ट सिटी, अमृत तथा प्रधानमंत्री आवास योजनाओं की तीसरी वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा पिछले दिनों संसद में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान लगाये गये ‘भागीदार‘ सम्बन्धी आरोपों का इषारों में जवाब दे रहे थे।
विदित हो कि राहुल गांधी ने बीती 20 जुलाई को लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री पर कुछ उद्योगपतियों के लिये काम करने का इल्जाम लगाते हुए भ्रष्टाचार में ‘भागीदार‘ होने का आरोप लगाया था। इषारों में उसी ओर कटाक्ष करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे पहले, मुझ पर यह भी इल्जाम लगाया गया कि मैं चाय वाला देश का प्रधान सेवक कैसे हो सकता हूं। शहरों की समस्याओं में उसी सोच की बू आ रही है। स्मार्ट सिटी के लिये हमारे पास पे्ररणा के साथ-साथ पुरुषार्थ करने वाले लोग भी थे, लेकिन राजनीतिक इच्छाशक्ति और सम्पूर्णता की सोच के अभाव ने बड़ा नुकसान किया।
देश के बेतरतीब शहरीकरण के लिये कांग्रेस को दोषी ठहराते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जब राष्ट्रनिर्माण की बारी थी, तब आबादी का इतना दबाव भी नहीं था। अगर उसी वक्त योजना बनाकर काम किया होता तो वैसी दिक्कतें नहीं होती जैसी आज हैं। आबादी को बेतरतीब फैलने दिया गया। कंक्रीट का जंगल बनने दिया। आज इसका परिणाम पूरा देश भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि आबादी का वह हिस्सा, जिसकी जीडीपी में 65 प्रतिशत हिस्सेदारी है, अगर वह अव्यवस्थित रहे तो उससे होने वाली कठिनाइयों का अंदाजा हम आसानी से लगा सकते हैं। ये समस्याएं 21वीं सदी के भारत को परिभाषित नहीं कर सकतीं। हमने इन समस्याओं को खत्म करने के लिये देश के 100 शहरों को चुना। उन्हें दो लाख करोड़ के निवेश के जरिये स्मार्ट सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा। विकास भी ऐसा कि जहां शरीर नया हो, मगर आत्मा वही हो। उन्होंने कहा कि शहर के गरीब, बेघर को पक्का घर देने का अभियान हो, 100 स्मार्ट सिटी या 500 अमृत सिटी हो, करोड़ों भारतीयों के जीवन को सरल सुगम बनाने का हमारा संकल्प आज और भी मजबूत हुआ है। स्मार्ट सिटी मिशन के तहत देश भर में 60 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की योजनाओं पर काम पूरा हो चुका है और 52 हजार करोड़ पर काम तेजी से चल रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह उप्र की योगी आदित्यनाथ सरकार को बधाई देते हैं कि वह गरीबों के जीवन स्तर को उठाने वाली योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ा रही है। वर्ष 2014 से लेकर योगी सरकार के आने तक गरीबों के घर के लिये हमें उस वक्त की सरकार से आग्रह करना पड़ता था। वे लोग ही ऐसे थे, वे अपनी कार्य परम्परा छोड़ने को तैयार नहीं थे। उनका एकसूत्री कार्यक्रम अपने बंगले को सजाना और संवारना ही था।
प्रधानमंत्री ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को करते हुए कहा कि लखनऊ लम्बे समय तक उनका संसदीय क्षेत्र रहा है। उन्होंने लखनऊ को देश के शहरी जीवन के सुधार की प्रयोगशाला बनाया था। यहां बने ओवरब्रिज, कन्वंेशन सेंटर जैसे तमाम काम एक सांसद के रूप में उनके विजन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि देश में दिल्ली मेट्रो के रूप में इस अत्याधुनिक परिवहन योजना को जमीन पर उतारने का काम भी अटलजी ने ही किया था। दिल्ली मेट्रो की सफलता आज पूरे देश में दोहरायी जा रही है। अटलजी ने कहा था कि ‘बिना पुराने को संवारे, नया भी नहीं संवरेगा। इसी सोच के तहत आज अनेक शहरों में दशकों पुरानी व्यवस्था को सुधारा जा रहा है। अटलजी ने ही गरीबों को आवास देने की शुरुआत ‘वाल्मीकि अम्बेडकर आवास योजना’ के तहत की थी। आज की योजनाओं का मूल भावना वही है, लेकिन हम इसे एक अलग स्तर पर ले जाने की योजना बना रहे हैं। कार्यक्रम को केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह, केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप पुरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सम्बोधित किया।
‘भागीदार’ वाला इल्जाम मेरे लिये इनाम – मोदी