शाहजहांपुर,लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाये गए अविश्वास प्रस्ताव पर गिर जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ गए हैं। उन्होंने यहां किसान कल्याण रैली में विपक्ष पर जमकर निषाना साधा। उन्होंने कटाक्ष किया कि जब दल के साथ दल हो तो ‘दल-दल’ हो जाता है और जितना ज्यादा दलदल होता है उतना ज्यादा कमल खिलता है। उन्होंने किसी पार्टी या नेता का नाम लिए बिना कहा कि केन्द्र में ऐतिहासिक जनादेश देकर आपने जो सरकार बनायी है उस पर उनको (विपक्षी दलों को) विश्वास नहीं है। कल संसद में हम लगातार उनसे पूछते रहे कि बताओ अविश्वास का कारण क्या है। जब कारण नहीं बता पाये तो गले पड़ गये।
एक तरह से 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विपक्ष पर अपने व्यंग्यबाणों को और धार देते हुए कहा कि वो (विपक्ष) ना तो हमें और ना ही देश को अविश्वास का कारण बता पाये। हम उनको समझाते रहे कि लोकतंत्र में जनादेश सबसे ऊपर है। जनता जनार्दन के मन मंदिर के खिलाफ ये खेल खेलना ठीक नहीं है। जनता से उलझना महंगा पड़ जाएगा लेकिन उन पर (विपक्ष) तो लगता है जुनून सवार था कि मोदी को सबक सिखाना है, हटाना है। अपने चिर परिचित अंदाज में उन्होंने कहा कि मोदी कुछ नहीं है ये सवा सौ करोड हिन्दुस्तानियों की ताकत है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के संविधान की ताकत है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सपा-बसपा के तालमेल पर तंज कसा कि साइकिल हो या हाथी, किसी को भी अब बना साथी। लेकिन आपके स्वांग को देश जान चुका है। कल देश की जनता ने देखा कि कुछ लोगों को प्रधानमंत्री की कुर्सी के अलावा कुछ नहीं दिखता है। उन्हें न देश दिखता है न देश का गरीब दिखता है। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पहले कांग्रेस सरकार के एक प्रधानमंत्री ने कहा था कि दिल्ली से एक रूपया निकलता है तो गांव में जाते जाते 15 पैसा हो जाता है। ये बात कांग्रेस के प्रधानमंत्री ने तब कही थी जब पंचायत से लेकर संसद तक उन्हीं का झंडा फहरता था। उन्हीं के लोग चुने जाते थे और किसी दल को एंट्री ही नहीं मिलती थी। जब चारों ओर उनका राज चलता था तब उन्होंने ऐसा कहा था। उन्होंने कहा कि ये कौन पंजा था जो रूपये को घिसते-घिसते 15 पैसा बना देता था। ये कौन पंजा था जो रूपये में से 85 पैसे मार लेता था। हमने रास्ता खोजा और आपको खुशी होगी कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से 90 हजार करोड रूपया जो कहीं और चला जाता था वो सही व्यक्ति के पास उसके खाते में सीधे पहुंचने लग गया।
किसानों के लिए अपनी सरकार द्वारा किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि किसान हिन्दुस्तान का गौरव है। यही कारण है कि देश के करीब पांच करोड़ गन्ना किसान परिवारों के हित में हाल में अनेक फैसले लिये गये। उन्होंने कहा कि अब बिचैलियों को दूर कर अपने अन्नदाता को समय पर खरीद का उचित मूल्य दिलाया जा रहा है। खरीद में पारदर्शिता, व्यवस्था का बहुत बडा बदलाव है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज किसानों के नाम पर जो घडियाली आंसू बहा रहे हैं, ये सब करने के लिए उन्हें भी मौका था। ये घडियाली आंसू बहाने वाली सरकारों को किसानों के लिए निर्णय करने की न तो चिन्ता थी और न ही फुर्सत। उन्होंने कहा कि हमने देश के हर गांव हर घर तक बिजली पहुंचाने का काम किया है और जब 18000 गांवों तक बिजली पहुंची तो विरोधी दलों ने बोलना शुरू कर दिया कि गांव में बिजली गई लेकिन घरों तक नहीं पहुंची।
जितना ज्यादा होता है ‘दल-दल’, उतना ज्यादा खिलता है कमल-मोदी