रांची,झारखंड पार्टी विधायक एनोस एक्का को सिमडेगा जिले की निचली अदालत ने पारा शिक्षक मनोज कुमार हत्याकांड मामले में शनिवार को दोषी करार दिया है।
सिमडेगा के एडीजे नीरज श्रीवास्तव की अदालत ने कोलेबिरा विधायक एनोस एक्का समेत दो लोगों को दोषी करार दिया। सजा के बिन्दुओं पर सुनवाई तीन जुलाई को होगी। भादवि की धारा 302 समेत अन्य कई धाराओं के तहत एनोस एक्का को दोषी करार दिया गया है और एनोस एक्का को दो साल से अधिक सजा हुई, तो उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाएगी। रांची के बिरसा मुंडा सेंट्रल जेल में बंद एनोस एक्का की अदालत में पेशी वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से हुई।
पारा शिक्षक मनोज कुमार के भाई ने अदालत के फैसले पर संतोष व्यक्त करते कहा कि अब इलाके से एनोस का आतंक खत्म हो जाएगा। उन्होंने अदालत से अपील की है कि हत्याकांड के दोषियों को फांसी की सजा हो।
गौरतलब है कि पारा शिक्षक की हत्या नवंबर 2014 में हुई थी। हत्या के आरोप में गिरफ्तार एनोस एक्का 27नवंबर 2014 से रांची स्थित केंद्रीय कारागार में बंद है। एनोस एक्का 2005, 2009 और 2014 में सिमडेगा जिले के कोलेबिरा विधानसभा सीट से झारखंड पार्टी प्रत्याशी के रुप में चुनाव जीते है।
पारा शिक्षक मनोज कुमार कोलेबिरा क्षेत्र के जटाटांड़ स्कूल में कार्यरत थे और लसिया प्रखंड संघर्ष समिति और कोलेबिरा प्रखंड के पारा शिक्षक संघ के अध्यक्ष थे। इसके पहले वे एनोस एक्का की झारखंड पार्टी के सक्रिय सदस्य भी थे। विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एनोस एक्का का साथ छोड़ कर वे दूसरे पार्टी के उम्मीदवार का समर्थन कर रहे थे। बताया गया है कि एक दिन वे अपने सहयोगी पारा शिक्षक संजू नायक के साथ स्कूल में बैठे थे, तभी मोटरसाईकिल पर सवार दो हथियारबंद अपराधी आये और जबरन मनोज कुमार को उठाकर अपने साथ ले गये। बाद में कोलेबिरा के जंगल से मनोज का शव अगली सुबह को बरामद किया गया। इस संबंध में मृतक के परिजनों ने एनोस एक्का को नामजद अभियुक्त बताते हुए प्राथमिकी दर्ज करायी थी। अनुसंधान के बाद पुलिस ने एनोस एक्का को ठाकुरटोली स्थित आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और तब से वे अब तक जेल में बंद है।
चौथे विधायक की विस सदस्यता होगी समाप्त
वर्ष 2014 में संपन्न झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद अब तक तीन विधायकों कमल किशोर भगत, अमित महतो और योगेंद्र महतो को निचली अदालत द्वारा विभिन्न मामलों में दोषी करार दिये जाने और दो वर्ष या दो वर्ष से अधिक सजा सुनाये जाने के फैसले के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द हो चुकी है। अब यदि एनोस एक्का को दो साल से अधिक की सजा होती है, तो मौजूदा कानून के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता भी खत्म हो जाएगी।
पारा शिक्षक हत्याकांड में एनोस एक्का दोषी करार,तीन जुलाई को सजा का एलान