गाजियाबाद,आयकर विभाग की इंटेलिजेंस विंग ने आय से अधिक संपत्ति व रिटर्न में हेराफेरी कर काली कमाई की ठोस सूचना पर मोदीनगर, मुरादनगर, राजनगर व नोएडा स्थित १० से अधिक ठिकानों पर छापा मारे है। भाजपा नेता सतेंद्र त्यागी, डॉ.सतीश त्यागी व व्यापारी हरीश बजाज के ठिकानों पर देर रात तक कार्रवाई हुई। आयकर विभाग के हाथ काफी कुछ दस्तावेज लगे हैं, जिनसे काली कमाई का पता लगा है। आयकर अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई शुक्रवार सुबह या दोपहर तक भी जारी रह सकती है, उसके बाद ही सही आंकड़ा सामने आएगा। कार्रवाई मोदी नगर से जुड़े उक्त तीनों लोगों पर केंद्रित रही। सबसे पहले आयकर विभाग टीम ने सुबह ६.०० बजे अनिल बजाज के पेट्रोल पंप व आवास पर छापा मारा। इसके कुछ ही देर बाद उनके भाई देवेंद्र बजाज व हरीश बजाज के ठिकानों पर बाकी टीमों ने छानबीन शुरू की। सतेंद्र त्यागी के बेटे अमित त्यागी के मुरादनगर स्थित उत्तम फर्नीचर व नोएडा स्थित बेटे की कंपनी एके टेक के सेक्टर ६३ व सेक्टर २५ स्थित गोदाम व ऑफिसों पर भी छापा मारा। आयकर सूत्रों के अनुसार अभी तक की छानबीन में ३० करोड़ से अधिक की टैक्स चोरी पकड़ी गई है जो छापे की कार्रवाई पूरी होने तक कहीं ज्यादा की हो सकती है। आयकर विभाग को १८ घंटे से अधिक की छापामारी के बाद उम्मीद से कहीं अधिक सफलता मिली है। मोदीनगर से संबंध रखने वाले ३ लोगों के प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई जारी है। बेनामी संपत्ति का पता चला है, जिसके कागजात आयकर विभाग की टीमों ने कब्जे में लिए हैं। सबसे ज्यादा संपत्ति भाजपा नेता सतेंद्र त्यागी व पेट्रोल पंप कारोबारी अनिल बजाज व उसके परिजनों के नाम पर निकली है। रिटर्न में जितनी संपत्ति व आय का उल्लेख जारी था, उससे कहीं ज्यादा की कमाई दोनों द्वारा की जा रही थी। – क्या-क्या मिलाआयकर सूत्रों का कहना है कि सतेंद्र त्यागी के दो ठिकानों से २० लाख रु की नकदी व करोड़ों रुपये की ज्वेलरी हाथ लगी है। इसके साथ ही मोदीनगर, मुरादनगर व नोएडा में कई बड़ी संपत्तियों को पता चला है, जो बेटे अमित व अन्य परिजनों के नाम पर खरीदी गई। बेटे मुरादनगर में उत्तम फर्नीचर के साथ ही एके टेक नाम की कंपनी भी चलाता है, जिनका सालाना करोड़ों रुपये का टर्नओवर है। लेकिन कागजों में कुल कारोबार का ३०-४० फीसदी ही दिखाया जा रहा था। एके टेक कंपनी मोबाइल टावर से जुड़े पाट्र्स बनाने का काम करती है, जिसका नोएडा के सेक्टर ६३, ३४ व २५ में कार्यालय है। – करोड़ों की टैक्स चोरी का क्लेम आयकर विभाग सूत्रों के अनुसार कंपनी ने कुछ कार्यालयों की जानकारी अपने दस्तावेज में छिपाई। इसके साथ ही राजनगर एक्सटेंशन व अन्य जगहों पर प्रापर्टी से जुड़े निवेश व बैक लॉकर से जुड़े कागजात भी हाथ लगे, जिनकी जांच जारी है। अनिल बजाज उसके परिजन हरीश बजाज, व देवेंद्र बजाज के ठिकानों से आयकर को करोड़ों रुपये के निवेश के कागजात हाथ लगे हैं। मोदीनगर के साथ ही राजनगर सेक्टर ८ स्थित आवास पर आयकर की छापामारी जारी है, जहां से बैंक खातों, प्रॉपर्टी में निवेश, लाकर, लग्जरी कार व कई अन्य जगहों पर निवेश कागजात जब्त किए हैं। सूत्रों को दावा है कि कुछ ऐसे निवेश से जुड़े भी साक्ष्य मिले हैं, जो आयकर रिटर्न भरते वक्त छिपाया गया। बताया जा रहा है कि बजाज परिवार पर करोड़ों रुपये की टैक्स चोरी का क्लेम बनेगा। आयकर विभाग को डॉ. सतीश त्यागी व पत्नी सरिता त्यागी के ठिकानों से करोड़ों के निवेश से जुड़े कागजात हाथ लगे हैं। सोनी के आभूषणों के अतिरिक्त, तीन से अधिक बैंक लॉकरों को पता चला है, जिनकी जांच जारी है। रेकी के दौरान आयकर विभाग को इनपुट मिला था कि डॉ. सतीश की दिन भर की ओपीडी व अस्पताल में भर्ती मरीजों की आय काफी ज्यादा है, जबकि रिटर्न में कुल आय कर का ४०-५० फीसदी ही दिखा रहे हैं। आयकर विभाग में ट्रांसफर पोस्टिंग के बाद लंबे समय से कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही थी। इंटेलीजेंस विंग को इनपुट मिल रहा था कि मोदीनगर में काफी बड़े व्यापारी व चिकित्सक हैं, जिन्होंने टैक्स चोरी कर अकूत संपत्ति अर्जित की है। विभागीय टीमों ने इनपुट जुटाना शुरू किया तो सबसे पहले नंबर भाजपा नेता सतेंद्र त्यागी, डॉ. सतीश त्यागी और अनिल बजाज का नाम सामने आया। आयकर विभाग के कुछ अधिकारी चाहते थे कि एक-एक कर कार्रवाई की जाए, लेकिन इस बात का भी अंदेशा था कि अगर एक शहर में छापा पड़ता है तो आसपास के शहरों के लोग भी सतर्क हो जाते हैं और वो अपनी काली कमाई को ठिकाने लगा लते हैं। तीनों पर एक साथ कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए तीन ग्रुप में १५ टीमें लगाई, जिनमें १०० से अधिक लोगों को लगाया गया है।
भाजपा नेता सहित 3 लोगों के ठिकानों पर आयकर के छापे, 30 करोड़ की टैक्स चोरी