श्रीनगर,जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के गढ़ माने जाने वाले दक्षिणी इलाके में सेना ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। गौरतलब है कि रमजान के दौरान संघर्षविराम रहने के बाद सेना ने ऑपरेशन ऑल आउट फिर शुरू कर दिया है। गौर हो कि सेना ने 1 हफ्ते में 11 आतंकी ढेर किये हैं। 18 जून को बांदीपोरा में सुरक्षाबलों ने 4 और 19 जून को पुलवामा में 3 आतंकियों को मार गिराया था। सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को भी आईएस के सरगना दाऊद अहमद सोफी उर्फ बुरहान समेत 4 आतंकी मारे थे। सेना ने लगभग 275 आतंकियों के घाटी में होने की आशंका जताई है। इसी तारतम्य में सेना ने रविवार को कुलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के 2 आतंकियों को ढेर कर दिया। जम्मू-कश्मीर के डीजीपी एसपी वैद्य के अनुसार आतंकियों के तीसरे साथी ने आत्मसमर्पण कर दिया। उसके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। मारे गए आतंकियों में लश्कर के डिवीजनल कमांडर शकूर डार शामिल है। इस आतंकी ने छादेर मोटेहामा इलाके में पुलिस दल पर हमला किया था। इस दौरान पुलिस के जवान अमरनाथ यात्रा से पहले सड़कों को साफ करने का काम कर रहे थे।
हिजबुल के दो भूमिगत गिरफ्तार
अनंतनाग जिले में हिजबुल मुजाहिदीन के दो भूमिगत कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए। इनके पास से जिंदा ग्रेनेड बरामद किया गया है। दक्षिण कश्मीर में तुलखान क्रॉसिंग पर आर्मी और पुलिस के चेक प्वाइंट पर दो लोगों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। इनकी तलाशी के दौरान ग्रेनेड बरादम किया गया। इनकी पहचान अवंतीपोरा के अमीन अहमद सोफी और तनवीर अहमद भट के तौर पर हुई है। ये दोनों त्राल में सक्रिय हिजबुल आतंकी हमद खान के लिए काम कर रहे थे। ये सभी गोरीवान चौक में 23 मई को हुए ग्रेनेड हमले में शामिल थे। इसमें 10 लोग घायल हुए थे। गौरतलब है कि सेना ने आशंका जताई है कि घाटी में अब भी लगभग 250 से 275 आतंकी मौजूद हैं। उत्तर कश्मीर की तुलना में दक्षिण कश्मीर में ज्यादा आतंकी सक्रिय हैं। सेना और सुरक्षाबलों ने इनके खिलाफ ऑपरेशन शुरू कर दिया है। जल्द ही इन आतंकियों का खात्मा हो जाएगा और घाटी में अमन होगा। कश्मीर में आईएस की मौजूदगी बहुत कम है। कुछ छोटे समूह ही हैं। इनमें से सुरक्षाबलों ने कई का खात्मा कर दिया है। इस्लामिक स्टेट जम्मू एंड कश्मीर (आईएसजेके) के सरगना दाऊद अहमद सोफी समेत 4 आतंकियों को हमने मार गिराया। हम जल्द ही बाकियों को खत्म कर देंगे। एनएसजी कश्मीर में अपना अलग ऑपरेशन चलाएगा।
सरकार गिरने के बाद सेना फ्री हेंड
कश्मीर में भाजपा ने पीडीपी से 19 जून को समर्थन वापस ले लिया था, जिसके बाद से वहां राज्यपाल शासन लगा है। केंद्र ने हाल ही में घाटी में नेशनल सिक्युरिटी गार्ड्स (एनएसजी) तैनात करने का भी फैसला किया।