शहडोल,यहाँ स्टेशन पर टीटीई के गुंडों ने कैंसर पीड़ित लड़के समेत उसके दो भाई बहन को बीच स्टेशन मे कसाइयों की तरह पुरानी बस्ती शहडोल के गुंडों से लहूलुहान करवा दिया
पीड़ित बहन और भाई ने बताया कि तकरीबन 20 गुंडे जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची TTE के मार्गदर्शन में उनके पास पहुंच गए और फिर अपना सितम उठाने लगे वही कसाई TTE चीख चिल्ला रही बच्ची के बालों को पकड़ कर दुशासन की तरह खींचता रहा और उसके पालतू गुंडे पूरे स्टेशन में दौड़ा कर उसके दो भाइयों को मारते रहे।
जब वह निशक्त हो गए तब जाकर गुंडे और टीटी वहां से निकल गए जिसके बाद किसी कदर बच्ची के दोनों भाई और बच्ची जीआरपी थाना पहुंची जहां टीटी के पूरे घरेलू गुंडे जीआरपी को घेर लिया।
ज्ञात हो कि इस पूरे घटनाक्रम में जहां पूरे स्टेशन में दर्जन भर से अधिक गुंडों ने खुलेआम कोहराम मचाया वही घटनाक्रम के सामने स्थित जीआरपी की सुरक्षा के लिहाज से औकात स्पष्ट हो गई। इतना ही नहीं जीआरपी का स्टाफ खड़ा होकर पूरे घटना को देख रहा था पर हथियारबंद गुंडों के सामने उसकी नसें ढीली हो गई और वह आम नागरिक की तरह मारपीट को शांत होने के बाद किसी तरह हिम्मत जुटाकर पीड़ितों के पास पहुंचे।बिलासपुर एक्सप्रेस ट्रेन क्रमांक 18235 में कटनी से सवार होकर मुंबई निवासी प्रवीण गुप्ता पिता रोहणी प्रसाद गुप्ता एकता गुप्ता और पवन गुप्ता कटनी के रेलवे स्टेशन से जिस ट्रेन की टिकट ली वह ट्रेन जल्दबाजी के कारण छूट गई।
लिहाजा उसी टिकट से दूसरी ट्रेन पर तीनो भाई बहन सवार होकर आ रहे थे तभी चेकिंग के दौरान कथित औरंगजेब नामक टीटी ने उनसे पूछताछ की तो भाई बहनों ने बताया कि किसी कारण जिस ट्रेन की टिकट हमने ली थी वह जल्दबाजी के कारण छूट गई पर दोनों ट्रेन का चार्ज एक समान है इसलिए इस में बैठ गए फिर भी यदि जो भी चार्ज और पैनल्टी बनती है आप ले ले वहीं से टीटी का पारा चढ़ गया और वह अनाप-शनाप बकते हुए 900 की पेनल्टी मांगने लगा।
यही छोटी बातों को लेकर जैसे ही उसने साथ में बैठे बहन से अभद्र तरीके से बात की तो उसका भाई सामने आ गया और कहा कि जोभी बात करनी है हमसे करिए जिसके बाद टीटी प्राइवेट गुंडों को शहडोल में तैनात होने का फरमान जारी कर दिया। कसाइयों की तरह जिस तरीके से टीटी औरंगजेब और उसके पालतू गुंडों द्वारा चीख-चिल्ला रहे एक ही परिवार के लड़की समेत दो भाइयों की पिटाई करवा रहा था।
पैसेंजरों के आंसू गिर रहे थे लेकिन इतने कुख्यात गुंडों से पंगा लेने के भय एवं डर के कारण कोई कुछ बोलने से डरते रहे।अथवा पीट रहे गुंडों को रोकने में नाकाम साबित हो रहे थे।
जब टीटीई के गुंडों ने स्टेशन पर यात्रियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा