नई दिल्ली,कश्मीर में ईद के बाद सेना का ऑपरेशन ऑलआउट फिर से शुरू हो सकता है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के गुरुवार को दोपहर कश्मीर के मामले पर उच्च स्तरीय बैठक की गई। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में ईद के बाद कश्मीर में सीजफायर खत्म करना है या इस जारी रखना है, इस पर चर्चा हुई। बैठक में अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा पर भी बात हुई। 45 मिनट चली इस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह के साथ एनएसए अजीत डोभाल,आर्मी चीफ,आईबी चीफ,सीआरपीएफ के डीजी,बीएसएफ के डीजी जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजीपी के अलावा गृह सचिव राजीव गौबा सहित गृह मंत्रालय के दूसरी अधिकारी भी मौजूद थे। इस बैठक से ठीक पहले भाजपा महासचिव और जम्मू-कश्मीर के प्रभारी राम माधव ने गृह सचिव राजीव गाबा से मुलाकात की।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन को लेकर सुरक्षाबलों की आम राय ली गई। इस बैठक में अलग-अलग सिक्योरिटी एजेंसी ने रमजान के दौरान हुए सुरक्षा बलों पर हमले आतंकी वारदातों के साथ-साथ हिंसा की पूरी घटनाओं का विस्तृत विवरण गृहमंत्री राजनाथ सिंह के सामने रखा। सूत्रों के मुताबिक़ 16 जून को ईद के बाद अगर सरकार सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन को नहीं बढ़ाती है तो वह टेक्नीकली अपने आप खत्म हो जाएगा। आपको बता दें कि हाल ही में राजनाथ सिंह ने दो दिन का जम्मू-कश्मीर दौरा किया था,जहां उन्होंने हालात का जायजा लिया था। इस बैठक में अमरनाथ यात्रा के मुकम्मल सुरक्षा प्लान को लेकर भी चर्चा हुई जिसमें डीजी सीआरपीएफ और बीएसएफ डीजी ने अपने पूरे डिप्लॉयमेंट के बारे में गृहमंत्री राजनाथ सिंह को जानकारी दी। अमरनाथ यात्रा पर ख़ुफ़िया एजेंसियों के इनपुट पर भी पूरी चर्चा हुई। खतरे को देखते हुए इस बार तकनीक के आधार पर पूरे यात्रा रुट को सुरक्षित करने का प्लान तैयार हुआ है।
सूत्रों के अनुसार अमरनाथ यात्रा सुरक्षा प्लान के मुताबिक़ यात्रियों को ले जाने वाली गाड़ियों पर रेफिड को इस पायलट प्रॉजेक्ट के तौर पर लगाया जाएगा। इसका मकसद है कि निजी गाड़ियों और अवैध रूप से यात्रियों को ले जाने पर रोक लगाना है। वहीं यात्रा रुट पर 228 अर्धसैनिक बलों की कंपनी तैनात की जाएंगी, जो पिछले साल की अपेक्षा 20 कंपनी ज्यादा होंगी। इन कंपनियों को विशेष तौर पर सुरक्षा देने की ट्रेनिंग दी गई है। सुरक्षा के लिहाज से इस बार तीसरी आंख की नज़र पूरी यात्रा पर रहेगी। बात दे कि सरकार की ओर से कोशिश थी कि आतंकियों के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन के दौरान जो नागरिकों को परेशानी होती है वो ना हो। इसकारण सीज़फायर लागू किया गया। लेकिन आतंकियों का इस पर कोई असर नहीं हुआ था,सीजफायर के पहले ही दिन आतंकियों ने मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के घर के पास ही पुलिस टुकड़ी पर हमला किया था।
आतंकियों की शामत, ऑपरेशन ऑलआउट फिर से होगा शुरू!