भोपाल,मध्यप्रदेश के बैतूल एवं रीवा में दो किसानों ने दम तोड़ दिया। बैतूल में 24 घंटे के अंदर दूसरे किसान ने आत्महत्या की। इससे किसानों में आक्रोश भड़क गया और उन्होंने शव को राष्ट्रीय राजमार्ग में रखकर चक्काजाम कर दिया। घटना शनिवार की सुबह ही है। चिचोली के पास पाटाखेड़ा गांव के किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। परिजनों ने बताया कि किसान अम्मू उइके पर दो लाख का कर्ज था। उसकी लाश खेत मे फांसी के फंदे पर झूलती मिली। उस पर कर्ज लौटाने का भारी दबाव था। इस दबाव को नहीं झेल पाने के कारण किसान ने सुसाइड कर ली। घटना की खबर मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। किसान की लाश पेड़ से नीचे उतारकर पुलिस को सूचना दी गई। गौरतलब है कि शुक्रवार को जिले के झाड़ेगांव के किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या की थी। उस किसान का नाम फूसा इवने था। फूसा इवने ने अपने खेत के पास पेड़ पर फांसी के फंदे से लटककर फांसी लगाई थी।
रीवा में किसान की मौत, मंडी में डाला ताला
रीवा जिले में भी एक किसान की मौत हो गई। किसान की जान हादसे में गई। बताया जा रहा है कि हादसा चोरहटा थाना के अंतर्गत करहिया मंडी में हुआ, जहां दुर्घटना में किसान की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हादसा उस वक्त हुआ, जब किसान सो रहा था। दुर्घटना में किसान की मौत के बाद किसानों में आक्रोश है। इसके पश्चात किसानों ने मंडी मेन गेट बंद कर मृतक किसान के परिजनों को एक करोड़ रुपए और शहीद का दर्जा देने की मांग की। कलेक्टर और एसपी दुर्घटना स्थल पर पहुंचे थे, लेकिन लोग मांग पर अड़े रहे।
किसानों के लिए अभद्र भाषा बोलने वाला नेता निष्काषित
उज्जैन के भाजपा नेता को पार्टी ने निष्काषित कर दिया। उसने किसानों को चोर, बदमाश और उनको जूता मारने की बात कही थी। मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष राकेश सिंह ने उनके निष्कासन का पत्र जारी किया। गौरतलब है कि उज्जैन भाजपा किसान मोर्चा जिला ग्रामीण के मंत्री हाकम सिंह का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। वीडियो में हाकम खुलेआम किसानों को चोर, बदमाश, बेईमान और उनको जूते मारे जाने की बात कह रहे थे। जब मामला पार्टी के बड़े नेताओं तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पार्टी ने उनको बाहर का रास्ता दिखा दिया।
कमलनाथ ने भी साधा निशाना
शर्मनाक! कुख्यात अपराधी जैसे किसानों से बॉन्ड भरवा रहे शिवराज
एक से दस जून तक मप्र के किसानों द्वारा आंदोलन प्रस्तावित है। पिछले वर्ष जून महीने में ही मंदसौर, नीमच में भड़के आंदोलन की गलतियों से सबक लेते हुए इस बार प्रशासन द्वारा पिछले साल आंदोलन में शामिल रहे 11 हजार लोगों को नोटिस जारी किया गया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों से 25-25 हजार रुपए का बांड भी भराया जा रहा हैं। इसके बाद जो भी नियम तोड़ेंगे या फिर असामाजिक गतिविधियों में लिप्त होंगे उनके 25 हजार रुपए भी जब्त होंगे और जेल भी जाएंगे। इस पर मप्र कांग्रेेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट किया- कितना शर्मनाक है कि प्रदेश का किसान पुत्र मुखिया जो किसानों को भगवान और ख़ुद को पुजारी कहता है, उसकी सरकार उन्ही भगवान से कुख्यात अपराधी की तरह शांति भंग के बॉन्ड भरवा रही है। मंदसौर गोलीकांड में मृत किसानो के परिजनो तक को नोटिस भेज दिये गये है। शर्मनाक!