मुंबई,’आवारापन’ जैसी हिट फिल्म से बॉलिवुड में अपना ऐक्टिंग डेब्यू करने वाली श्रेया सरन ‘फेमस’ से हिंदी फिल्मों में वापसी कर रही हैं। अब तक श्रेया दक्षिण की फिल्मों में ही सक्रिय थीं। इस अभिनेत्री ने कहा कि मैं उत्तर भारतीय हूं पर कई लोग मुझे दक्षिण भारतीय समझते हैं। मेरे लिए हिंदी सिनेमा में काम करना ज्यादा आसान हो जाता है। कई डायरेक्टर्स को लगता है कि मैं तो दक्षिण में रहती होऊंगी या वहां के प्रॉजेक्ट्स में व्यस्त हूं। सच तो यह है कि मैं मुंबई में रहती हूं। शायद यही वजह होगी कि हिंदी फिल्म के लोग मुझसे संपर्क नहीं कर पाते हैं। वहीं दूसरी बात स्क्रिप्ट की भी है, मुझे जब तक स्क्रिप्ट दमदार न लगे, तब तक हां नहीं कर पाती हूं। मैं तो चाहती हूं कि बॉलिवुड में ज्यादा से ज्यादा फिल्में करूं।
श्रेया की ज्यादातर फिल्में ‘आवारापन’, ‘दृश्यम’ और अब ‘फेमस’ ऐक्शन से भरपूर रही हैं। जिसे वह
संयोग मानती हैं। इस अभिनेत्री का मानना है कि एक्शन वाली फिल्मों से उन्हें कोई विशेष लगाव नहीं है। वैसे ‘आवारापन’ एक अलग तरह की ऐक्शन फिल्म थी, वहीं ‘दृश्यम’ ऐक्शन कम सस्पेंस और थ्रिलर ज्यादा थी। रही बात ‘फेमस’ की, तो यह एक चंबल के गांव की कहानी है जिसमें भरपूर ऐक्शन है।
‘फेमस’ में हमें श्रेया का क्या अलग रूप देखने को मिलेगा।
अगर ‘फेमस’ को पूरी ऐक्शन फिल्म कहा जाए तो सही नहीं होगा। फिल्म दो लोगों की कहानी है जिनकी शादी करवा दी जाती है, बाद में उन्हें प्यार हो जाता है। प्यार चंबल में हुआ, तो ऐक्शन का डोज लाजमी है लेकिन मानवीय भावनाओं का भी पूरा खयाल रखा गया है।
फिल्म में जैकी श्रॉफ, केके मेनन, जिमी शेरगिल और पंकज त्रिपाठी जैसे कलाकार हैं जिनके साथ काम करना काफी अच्छा अनुभव रहा। हर कोई अपने काम में पारंगत है। उनके साथ काम कर ऐसा लगा, मानों अभिनय के स्कूल में जा रही हूं। ये सभी इतने मंझे हुए अभिनेता हैं, जो थिअटर में भी लगातार सक्रिय रहते हैं। सेट पर उन्हें काम करते हुए देखने में ही मजा आता था। जब आपके साथ काम करने वाले इतने अच्छे हों, तो जाहिर है कि इसका असर अभिनय पर भी पड़ता है।
चंबल में शूटिंग करना हमारे लिए पिकनिक की तरह रहा। फिल्म के डायरेक्टर अक्सर सेट पर कुकिंग किया करते थे। ऐसे में हम हर रात बोनफायर लगा इंजॉय करते थे। जिमी शेरगिल का सेंस ऑफ ह्यूमर बहुत ही मजेदार है। सेट का माहौल बहुत ही मस्त हो जाता है। जैकी श्रॉफ सबके फेवरेट होते थे। ऐसा कोई भी ऐक्टर नहीं होगा जिनके रोल मॉडल जैकी सर न रहे हों।
श्रेया ऐक्टिंग के साथ-साथ सामाजिक कार्यों वर्क में भी सक्रिय हैं। उन्होंने एक स्पा खोला है जिसमें काम करने वाले नेत्रहीन हैं। श्रेया के अनुसार ये लोग अपनी स्पर्श शक्ति से लोगों को रिलैक्स कर देते हैं। भले ही उन्हें आंखों से दिखाई नहीं देता हो, लेकिन उनके सेंस करने की गजब की क्षमता है। ये सभी दिल की आंखों से देखते हैं। स्पा खोलने का मेरा एक ही मकसद था कि इनके अंदर का आत्मविश्वास बढ़े, साथ ही लोगों का भी इनके प्रति विश्वास बढ़े।
फेमस से हिंदी फिल्मों में वापसी कर रही श्रेया