उत्तर भारत में भयंकर आंधी-तूफान,100 से ज्यादा की मौत,132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आया तूफान

नई दिल्ली,कई राज्यों में देशभर में आंधी और तूफान ने मई की शुरुआत में भीषण गर्मी के बीच आये तबाही मचाई है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई, जबकि 47 अन्य घायल हो गए। 132 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान आया। इन राज्यों में कई इलाकों में कच्चे मकान, दर्जनों बिजली के पोल और पेड़ धराशायी हो गए।
आगरा में 43 लोगों की मौत हुई है और इसके अलावा 150 पशु भी मारे गए हैं। 35 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बिजनौर में 3, कानपुर देहात में 3, सहारनपुर में 2, बरेली, पीलीभीत, चित्रकूट, रायबरेली और उन्नाव में एक-एक लोगों की मौत हुई है। हिमाचल प्रदेश में बुधवार से ही आंधी और ओलावृष्टि हो रही है। दिल्ली-एनसीआर में तेज आंधी के बाद बारिश हुई है।
राजस्थान में 33 की मौत
राजस्थान में अब तक 33 लोगों की मौत की खबर है। भरतपुर, धौलपुर और अलवर में 12 लोगों की मौत हुई है। मृतक परिवारों के लिए 4-4 लाख मुआवजे की घोषणा की गई है।
उत्तराखंड में बादल फटा
उत्तराखंड के चमोली में बुधवार शाम बादल फटने से भारी तबाही मच गई है। नारायणबगड़ में कई दुकानें मलबे से पट गईं। तीन गाडिय़ों के मलबे में दबने की भी ख़बर है। पीने के पानी की पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा है। केदारनाथ और रुद्रप्रयाग में भी बुधवार से बिजली नहीं हैं, जगह-जगह लैंडस्लाइड की खबरें हैं।
मप्र के सतना, भिंड और सिंगरौली में 5 की मौत
उत्तर भारत में आए तूफान का असर मध्यप्रदेश में भी दिखा। बुधवार रात आए बवंडर ने जमकर तबाही मचाई। बवंडर की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटे रही। सतना और भिंड, सिंगरौली में एक बच्चे सहित 5 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 10 लोग घायल हो गए हैं। आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। इस भयावह आंधी की चपेट में मप्र के करीब एक दर्जन जिले आए हैं। इसमें रीवा, सतना, सीधी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना में ज्यादा नुकसान हुआ है। सतना के तो करीब 80 गांव में बिजली व्यवस्था ठप हो गई है। उधर पश्चिम बंगाल में बिजली और दीवार गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग जख्मी हो गए। बुधवार की शाम आए तूफान का असर धौलपुर, भरतपुर, अलवर, करौली में ज्याद दिखा। जहां बिजली के पोल तथा पेड़ गिर गए और कई मकान धराशाही हो गए तथा कई मकानों के दरवाजे टूट कर गिर गए। भरतपुर में सबसे ज्यादा जनहानि हुई जहां डीग में चार लोगों की तथा भरतपुर में दो लोगों की मौत गई। धौलपुर में मोहन कॉलोनी में दो लोगों की मौत हो गई तथा करौली में मकान गिरने से छह लोग घायल हो गए। भरतपुर जिले में उज्जैन के पास कुरका गांव में मकान गिरने से तीन लोग उसमें दबकर मर गए। भरतपुर के कुम्हेर गेट के पास मकान के मलबे में दबने से एक महिला की मौत हो गई। भरतपुर जिले में तेज हवाओं ने ताड़व मचा दिया जिससे बिजली के पोल तथा पेड़ों के गिरने से अंधेरा छा गया बसेडी में भी कई कच्चे झौंपडे जलकर राख हो गए। झुंझुनू जिले के खेतड़ी में निमार्णाधीन मकान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। अलवर में पेड़ गिरने से एक बालिका सहित तीन लोगों की मौत हो गई। जयपुर सहित लगभग सभी स्थानों पर अंधड का असर रहा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी पेड़ों के सड़क पर आने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर धूलभरी आंधी के साथ हल्की वर्षा भी हुई।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और बिजनौर में बुधवार को अचानक आए आंधी-तूफान ने एक युवक और तीन बच्चियों की जान चली गई, जबकि एक मदरसे की टीनशेड गिरने से आठ मासूम घायल हो गए। वहीं रामपुर में अजीम नगर के मिलक बगरउआ गांव में पेड़ के नीचे दबकर महिला की मौत हो गई। इसके अलावा यूपी के अन्य हिस्सों में भी आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला।
देश की राजधानी दिल्ली में भी धूल भरी आंधी के बाद भारी बारिश हुई। जिसकी वजह से तापमान में गिरावट आई और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली, लेकिन शहर के विभिन्न भागों में जाम भी लग गया। मौसम विभाग ने कहा कि शाम पौने पांच बजे शहर में तेज हवाएं चलीं जिसकी रफ्तार 59 किलोमीटर प्रति घंटा थी। संसद मार्ग, लाजपत नगर और द्वारका समेत शहर के कुछ हिस्सों में बारिश शाम 7.40 बजे शुरू हुई। शहर में अधिकतम तापमान 38.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया।

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