नीमराना, ई-मित्र संचालक से 400 रुपए में आधार कार्ड व अन्य पहचान पत्र बनवा माजरीकलां के एक ईट भट्टे पर रह रहे 33 अवैध बांग्लादेशी नागरिक पकड़े गए हैं। भट्टा संचालक ने सस्ती मजदूरी के लालच में उन्हें अपने यहां रखा हुआ था। रविवार को इंटेलीजेंस ब्यूरो और पुलिस की विशेष शाखा टीम ने भट्टे से इन्हें पकड़ा। ये लोग लगभग रोजाना बांग्लादेश में आईएसडी कॉल करते थे। इससे खुफिया एजेंसियों ने इन्हें ट्रैस कर लिया। महिला और बच्चों सहित सभी 33 बांग्लादेशी नागरिकों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर रविवार शाम नीमराना सब-डिवीजन मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। जहां से उन्हें महिला और पुरुष जेलों में भेजा गया है। ईंट भट्टा मालिक ने सस्ती मजदूरी के लालच में दे रखी थी शरण
पुलिस ने बताया कि रेवाड़ी निवासी अनुज यादव का मांढण रोड पर रोडवाल- मांजरीकलां में ईंट भट्टा है। उसे इनके बांग्लादेशी होने की जानकारी थी। इसका फायदा उठाते हुए अन्नू ने इनको बेहद कम मजदूरी पर भट्टे पर रख रखा था। पकड़े गए बांग्लादेशियों के पास पहचान का कोई दस्तावेज तो नहीं मिला, लेकिन मोबाइल बरामद हुए हैं। इनसे बांग्लादेश में आईएसडी कॉल्स की गईं। उन्हें ये मोबाइल व सिम भट्टा संचालक अन्नू यादव ने मुहैया कराईं। पुलिस का कहना है कि इस मामले की अलग से जांच कर रहे हैं और मुकदमा दर्ज किया जाएगा। कारवाई में नीमराना पुलिस थाने के सब इंसपेक्टर ताराचन्द, हैड कॉन्स्टेबल मदनलाल, कॉन्स्टेबल रामबाबू और पुलिस की जिला विशेष शाखा के बलदेव शर्मा तथा आईबी की टीम शामिल रही।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खुफिया एजेंसियों ने आगाह किया था कि नीमराना क्षेत्र के करीब एक दर्जन ईंट-भट्टों पर अवैध रूप से घुसे बांग्लादेशी काम कर रहे हैं। इस इनपुट के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अन्य भट्टों की भी जांच होगी। गौरतलब है कि भट्टा मालिक दलालों के मार्फत इन्हें बांग्लादेश से यहां ला रहे हैं। अवैध प्रवासी होने से ये लोग बेहद कम मजदूरी में काम करने को तैयार हो जाते हैं। भट्टा मालिक इन्हें भट्टे पर ही कच्चे छप्परों में रखते हैं। जिससे आसपास के लोगों को इनकी पहचान के बारे में पता नहीं चल पाता।
अवैध रह रहे 33 बांग्लादेशी अरेस्ट, 400 रुपए में बनवा लिया आधार