ये खिलाड़ी भारत के लिए जीत सकते हैं पदक

नई दिल्ली,राष्ट्रमण्डल खेलों में इस बार भारत को अच्छी सफलता की उम्मीदें हैं। इसमें भारत के दो सौ से ज्यादा खिलाड़ी 15 स्पर्धाओं में किस्मत आजमायेंगे। महिला बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु भारतीय दल की अगुवाई करेगी।
ये खिलाड़ी जीत सकते हैं पदक
निशानेबाजी
हीना सिद्धू : यह पिस्टल निशानेबाज शानदार फॉर्म में है। वह महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल में पदक जीतने उतरेगी।
मनु भाकर : सोलह साल की उम्र में ही मनु ने अपना नाम इतिहास में दर्ज करा लिया है। मनु ने कुछ सप्ताह पहले सीनियर विश्व कप में डेब्यू करते ही दो स्वर्ण जीते थे। उसने जूनियर विश्व कप में इस प्रदर्शन को दोहराया. अब 10 मीटर एयर पिस्टल में हीना के साथ उतरेगी।
जीतू राय : सेना का यह निशानेबाज 50 मीटर एयर पिस्टल में लगातार दूसरा स्वर्ण जीतना चाहेंगे। जीतू 10 मीटर एयर पिस्टल में भी चुनौती पेश करेंगे।
एथलेटिक्स :
नीरज चोपड़ा : बीस साल का यह खिलाड़ी जेवलिन थ्रो इवेंट में प्रबल दावेदार है। लंदन में कुछ महीने पहले सीनियर विश्व चैम्पियनशिप में वह फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके थे।
सीमा पूनिया : ग्लास्गो में सिल्वर मेडल जीतने वाली डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा की नजरें स्वर्ण पर होंगी। उन्होंने पिछले महीने फेडरेशन कप में 61.05 मीटर का रिकॉर्ड बनाया था। अब देखना यह है कि एशियाई खेलों की चैम्पियन सीमा क्या पिछली बार स्वर्ण जीतने वाली ऑस्ट्रेलिया की डैनी स्टीवेंस को पछाड़ सकेंगी।
तेजस्विन शंकर : उन्नीस साल के हाई जंपर ने फेड कप में अपना ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड बेहतर करके उम्मीदें जगाई हैं।
बैडमिंटन : ग्लास्गो में भारत ने बैडमिंटन में चार पदक जीते और पारूपल्ली कश्यप ने 32 साल बार पुरुष एकल में स्वर्ण अपने नाम किया था। इस बार सितारों से सजे भारतीय दल से काफी उम्मीदें होंगी।
पी वी सिंधू : ओलंपिक रजत विजेता सिंधु के कंधों पर पदक की सबसे बड़ी उम्मीद होगी। उन्होंने पिछली बार कांस्य पदक जीता था।
साइना नेहवाल : 2010 की गोल्ड मेडल विजेता साइना यदि फिटनेस बरकरार रख पाती है तो वह पदक जीत सकती हैं।
किदाम्बी श्रीकांत : चोटिल कश्यप की गैर मौजूदगी में भारत को पुरुष एकल में पदक दिलाने का दारोमदार श्रीकांत पर होगा।
मुक्केबाजी : पिछली बार भारतीय मुक्केबाजों में से कोई स्वर्ण नहीं जीत सका था लेकिन इस बार भारत का दमदार दल इस कमी को पूरा कर सकता है।
एम सी मेरीकोम : पैतीस साल की मेरीकाम पहली बार इन खेलों में भाग लेंगी। पांच बार की विश्व चैम्पियन और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता मेरीकाम 48 किलो में स्वर्ण की दावेदार हैं।
विकास कृष्णन : भारत के चार विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेताओं में से एक विकास ने बुल्गारिया में स्ट्रांजा स्मृति टूर्नामेंट में स्वर्ण जीता था।
अमित फांगल : एशियाई चैम्पियनशिप के ब्रॉऩ्ज मेडल विजेता अमित ने भी स्ट्रांजा टूर्नामेंट में स्वर्ण जीता था। पिछले साल विश्व चैम्पियनशिप में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे अमित पदक के दावेदारों में से है।
कुश्ती : कुश्ती में भारत राष्ट्रमंडल खेलों की पदक सूची में भारत दूसरे स्थान पर हैं और इस बार भी पहलवानों से काफी पदकों की उम्मीद होगी।
सुशील कुमार : पिछले खेलों के स्वर्ण पदक विजेता सुशील ने विवादों से भरे दो साल के बाद वापसी की है। वह पुरूषों के 74 किलो फ्रीस्टाइल वर्ग में एक और स्वर्ण जीतना चाहेंगे।
साक्षी मलिक : वह 62 किलो फ्रीस्टाइल में पदक की दावेदार होंगी।
विनेश फोगाट : कुश्ती
वेटलिफ्टिंग : विश्व चैम्पियन मीराबाई चानू 48 किलो।

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