गुना,बीजेपी की यूथ विंग के अध्यक्ष सुशील दहीफले के साथ कोतवाली में हुई मारपीट के मामले में एसपी निमिष अग्रवाल ने तीन आरक्षकों को सस्पैंड कर दिया है। इतना ही नहीं एक अन्य आरक्षक पर भी जांच बिठाई गई है। उल्लेखनीय है कि शनिवार देर शाम कथित तौर पर दहीफले के साथ कोतवाली में मारपीट की गई थी, जिसके बाद बीजेपी के तमाम युवा कार्यकर्ताओं सहित वरिष्ठ नेताओं ने कोतवाली का घेराव कर लिया था। तीन घंटे तक जब आरोपी पुलिसकर्मियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने बाजार बंद कराने के साथ ही हनुमान चौराहे पर चक्काजाम भी कर दिया। बीजेपी कार्यकर्ताओं के गुस्से को देखते हुए आखिरकार पुलिस विभाग सकते में आ गया और आनन-फानन में तीन आरक्षकों निलंबन के आदेश जारी कर दिए गए। दरअसल मध्यप्रदेश की सत्ता में होने के बाद भी अगर किसी नेता की कोतवाली में पिटाई हो जाए, तो जाहिर है कि करेले पर नीम का असर दिखेगा ही। कुछ ऐसा ही हुआ कोतवाली में दहीफले की मारपीट के मामले में भी। बीजेपी के यूथ विंग के जिला अध्यक्ष के साथ मारपीट क्या हुई, बीजेपी कोतवाली से लेकर पूरे शहर को सिर पर उठाने के लिए तैयार हो गई। कोतवाली के घेराव के साथ आम सड़क पर भी चक्काजाम किया गया और मजबूरन एसपी निमिष अर्ग्रवाल को आरक्षक रविन्द्र सोलंकी, गजेन्द्र गुर्जर और अमित शर्मा को सस्पैंड करने के आदेश जारी करना पड़ गए। इतना ही नहीं आरक्षक मंगल तोमर के खिलाफ भी इस मामले में जांच बिठाई गई हैं। हालांकि इसके बाद भी बीजेपी खामोशी अख्तियार करने को राजी नजर नहीं आ रही है और मामला सत्ताधारी दल की प्रतिष्ठा का सवाल बनता नजर आ रहा है।