देश की सांस्कृतिक राजधानी को मामा ने बना दिया अपराधियों का गढ़

भोपाल,कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेबाला ने आज कहा की पौराणिक काल में दो मामा प्रसिद्ध हुए हैं, कंस और शकुनि, और आज के युग में भी एक मामा मध्यप्रदेश में है। मध्यप्रदेश की पहचान पहले देश की कला, संस्कृति और संस्कार की राजधानी के रुप में हुआ करती थी। आज हालात यह हैं कि सरपरस्ती में निरंकुश अपराधी मप्र. में राज कर रहे हैं। मप्र लगातार 2004 से अपराधों में अब्बल दर्जे किया जा रहा है। महिलाओं से दुष्कर्म में हाल यह है कि अब तक 2004 से 2016 तक 46308 बलात्कार हुए हैं, जो देश में सर्वाधिक हैं।
उक्त आरोप कांग्रेस के मीडिया प्रभारी रणदीप सुरजेबाला, श्रीमती प्रियंका चतुर्वेदी, कनवीनर, संचार विभाग, जुबेर खान, सचिव अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव ने आज प्रेसवार्ता में लगाए। जहॉ 2004 में 2875 बलात्कार की नृशंस घटनाएं हुई, वे आज बढ़कर 4909 प्रतिवर्ष होने लगे हैं। अपहरण के मामले लगभग 10 गुना बड़ गए हैं। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे 2016 की रिपोर्ट बताती है कि देश में सबसे ज्यादा 42.8 प्रतिशत बच्चे कुपोषण का शिकार मप्र में हैं। मप्र में नवजात शिशु मृत्यु दर 32 है, जो कि देश में सबसे ज्यादा है।
मामाजी ने मध्यप्रदेश का यह हाल किया है कि केन्द्रीय मानव संसाधन मंत्रालय की रिपोर्ट बताती है कि मप्र में मात्र 28.60 प्रतिशत स्कूलों में बिजली है और मात्र 14 फीसदी स्कूलों में कंप्यूटर की शिक्षा दी जाती है। यह आंकड़ा पूरे देश में सबसे बदतर है। उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि मप्र सामाजिक सरोकारों को भ्रष्टाचार की भेट चढा कर मामा सत्ता के मजे लूट रहे हैं।
– किसान के खून से रंगे शिवराज सरकार के हाथ
मप्र में भाजपा सरकार में किसानों पर आतंकियों की तरह सीने में गोलियां चलवाते हैं। प्रदेश में अब तक 15283 किसानों ने आत्महत्या की है। क्योंकि उसे फसलों के उचित दाम नहीं मिलते और जब किसान अपनी पीड़ा लेकर सरकार के पास जाता है तो उसके सीने में गोलियां उतार दी जाती हैं। यह शर्मनाक है।
-कृषि पंप का 50 हजार करोड़ से अधिक का सब्सिडी घोटाला
मप्र में सिंचाई के लिए प्रयुक्त लगभग 27 लाख पंप बगैर मीटर के है। यह घोटाला लगभग 10 वर्षों से चल रहा है।
– कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाली प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
-प्रदेश के आदिवासी भाई -दरबदर
देश का दिल कहा जाने बाला मप्र आज द्रवित और दर्द से भ्ररा हुआ है। अपराधियों के आतंक से शिक्षा माफियाओं कें संगठित गिरोह से और भाजपाई भ्रष्टाचार से । अब समय आ गया है, इस अंधकार को दूर कर एक नई लौ जलाने का और मप्र में एक नया सबेरा लाने का।

 

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