नई दिल्ली,3695 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में रोटोमैक समूह के चेयरमैन विक्रम कोठारी और उनके बेटे को सीबीआई ने 4 दिन की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। लंबे समय से विक्रम कोठारी और उनके बेटे से पूछताछ कर रही सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रोटोमैक समूह की यूनिटों पर छापेमारी कर हजारों दस्तावेज सीज कर दिये हैं। दिल्ली स्थित उनके आवासीय परिसर और कंपनी निदेशकों के ऑफिस को पहले ही सील कर दिया गया था। बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर सीबीआई ने विक्रम कोठारी, उनकी पत्नी आदि के खिलाफ धोखाधड़ी और ईडी ने मनी लॉड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
गौरतलब है कि रोटोमैक ग्लोबल पर सात बैंकों का 3695 करोड़ का लोन और ब्याज बकाया है। बैंक आफ बड़ौदा की शिकायत पर दर्ज एफआईआर में बैंक ने कंपनी के निदेशकों पर धोखाधड़ी करके 616.69 करोड़ रुपये का लोन हासिल करने का आरोप लगाया है। इस मामले में सीबीआई ने रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमेटेड के निदेशकों विक्रम कोठारी, साधना, राहुल और बैंक ऑफ बड़ौदा के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है।
मालूम हो कि सीबीआई ने यह मुकदमा 18 फरवरी को नई दिल्ली में ही दर्ज किया जिसमें आईपीसी की धारा 420, 467, 468 व 471 के अलावा प्रिवेंशन आफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 13 (2) व 13 (1) (डी) लगाई गई है। इसमें मेसर्स रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लि. कानपुर के अलावा इसके तीनों निदेशकों और अज्ञात बैंक अधिकारियों को नामजद किया गया है।
एफआईआर में कहा गया है कि रोटोमैक ग्रुप ने धोखाधड़ी कर सात बैंकों से 2919 करोड़ रुपये का लोन लिया, जिसे अदा नहीं किया गया। ब्याज मिलाकर यह रकम 3695 करोड़ रुपये है। रकम बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक, इलाहाबाद बैंक और ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स की है। छापेमारी के बाद सीबीआई अफसरों ने विक्रम कोठारी, साधना और राहुल से पूछताछ की। उनके मोबाइल कब्जे में ले लिए गए। उनके बयानों को रिकॉर्ड किया गया और आवास से चार अटैचियों को जब्त किया। इसी तरह फैक्ट्री में कर्मचारियों से पूछताछ के अलावा बड़ी संख्या में दस्तावेजों को कब्जे में लिए हैं।
4 दिन की पूंछताछ के बाद सीबीआई ने विक्रम कोठारी को बेट सहित किया गिरफ्तार