राष्ट्रपति ने कहा देश में एक साथ चुनाव और तीन तलाक पर सहमति हो,अभिभाषण के साथ संसद सत्र की शुरुआत

नई दिल्ली,राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के संसद के दोनों सदनों को संयुक्त सम्बोधन के साथ आज से संसद सत्र की शुरुआत हो गई । अनुमान लगाया गया था कि केंद्र सरकार इसके जरिए 2019 के आम चुनाव की भूमिका बनाएगी और हुआ भी ऐसा ही। राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार कमजोर वर्गों के लिए समर्पित है और संविधान की मूलभावना पर चलते हुए देश में सामाजिक न्याय तथा आर्थिक लोकतंत्र को सशक्त करने और आम नागरिक के जीवन को आसान बनाने के लिए कार्य कर रही है। उन्‍होंने कहा कि सरकार ने तीन तलाक के संबंध में एक विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है और उन्हें आशा है कि संसद शीघ्र ही इसे पारित कर देगी।
इसके बाद मुस्लिम बहन-बेटियां आत्म-सम्मान के साथ भयमुक्त जीवन जी सकेंगी। कोविंद ने कहा कि बेटियों के साथ भेदभाव खत्म करने के लिए सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू की थी, जिसके सकारात्मक नतीजों को देखते हुए अब इसका दायरा 161 जिलों से बढ़ाकर 640 जिलों तक कर दिया गया है। सरकार ने मातृत्व लाभ अधिनियम में बदलाव करके भी एक बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत महिलाओं को 12 सप्ताह के स्थान पर वेतन सहित 26 सप्ताह की छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है। अब कामकाजी महिलाओं को अपने नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए अधिक समय मिलेगा। उन्‍होंने कहा कि ‘जनधन योजना’ के तहत अब तक लगभग 31 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं। इसके शुरू होने से पहले देश में महिलाओं के बचत खातों की संख्या लगभग 28 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 40 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है। कोविंद ने कहा, सरकार ने स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए बिना बैंक गारंटी के कर्ज देने पर जोर दिया है। अब लोग अपना उद्यम चलाने के सपने को साकार करने के लिए आसानी से कर्ज ले पा रहे हैं।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अब तक लगभग 10 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और चार लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज दिया गया है। तीन करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पहली बार इस योजना का लाभ उठाया और स्वरोजगार शुरू किया। उन्होंने कहा, किसानों की मुश्किलों का समाधान करना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी योजनाएं न केवल किसानों की चिंता कम कर रही हैं, बल्कि खेती पर होने वाले खर्च को भी घटा रही हैं। इसी का परिणाम है कि देश में 275 मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न और लगभग 300 मिलियन टन फलों-सब्जियों का उत्पादन हुआ है। दशकों से लंबित 99 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का काम भी प्रगति पर है। दालों के लिए बनाई गई नई नीति की वजह से पिछले वर्ष की तुलना में इस साल दाल के उत्पादन में 38 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो एक रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा, सरकार की नीतियों की वजह से जहां एक तरफ यूरिया का उत्पादन बढ़ा है, वहीं यूरिया की कालाबाजारी भी रुकी है। गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी, तालचेर और रामागुंडम के उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को सस्ती और सरल बीमा सेवा उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा, सरकार ने गरीबों को एक रुपए प्रति महीना और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर बीमा योजनाएं सुलभ कराई हैं। अब तक 18 करोड़ से ज्यादा गरीब ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ से जुड़ चुके हैं। बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी सरकार वचनबद्ध है। अटल पेंशन योजना के तहत लगभग 80 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं। सरकार देश के हर आवासहीन गरीब परिवार को वर्ष 2022 तक घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर भी काम कर रही है। पिछले साढ़े तीन वर्षों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में 93 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है। ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी’ के तहत गरीबों को घर बनाने के लिए ब्याज दर में छह प्रतिशत की राहत दी जा रही है।

 

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