मुंबई,दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में एक रैली को संबोधित कर रहे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर किसी ने जूते से प्रहार किया, हालांकि जूता उन्हें नहीं लगा। पुलिस ने बताया कि जूता फेंकने वाले की पहचान कर ली गई है। जल्दी ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना पर प्रतिक्रिया करते हुए ओवैसी ने कहा जूता फेंकने वाले उन लोगों में से हैं, जो महात्मा गांधी, गोविंद पानसरे और नरेंद्र डाभोलकर के हत्यारों की विचारधारा का अनुसरण करते हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि रात करीब पौने दस बजे ओवैसी तीन तलाक के मुद्दे के खिलाफ बोल रहे थे। उसी समय यह घटना हो गई। इस घटना पर प्रतिक्रिया करते हुए ओवैसी ने कहा मैं अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए अपनी जान देने को तैयार हूं। यह सभी निराश लोग हैं, जो नहीं देख सकते हैं कि तीन तलाक पर सरकार का फैसला मुसलमानों ने स्वीकार नहीं किया है।
उन्होंने कहा जूता फेंकने वाले उन लोगों में से हैं जो महात्मा गांधी, गोविंद पानसरे और नरेंद्र डाभोलकर के हत्यारों की विचारधारा का अनुसरण करते हैं। हैदराबाद के सांसद ने कहा वे हमें सच बोलने से नहीं रोक सकते। जोन तीन के पुलिस उपायुक्त वीरेंद्र मिश्र ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए ओवैसी पर जूता फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान कर ली है। उसकी जल्दी ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी। ओवैसी तीन तलाक पर केंद्र सरकार के रुख को एक छलावा बताते रहे हैं।
हाल ही में उन्होंने एक रैली में कहा था कि इस मसले पर महिलाओं को न्याय दिलाने की बात कहना तो महज एक बहाना है। दरअसल इनका असली निशाना शरियत है। इसके साथ ही उन्होंने तीन तलाक से पीडि़त महिलाओं की गुजर-बसर के लिए हर महीने 15 हजार रुपए के बजटीय प्रावधान की बात भी कही। ओवैसी के मुताबिक सरकार को बजट में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जिन महिलाओं को तीन तलाक दिया गया है, उनको हर महीने 15 हजार रुपये गुजारे के लिए मिले। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि 15 लाख नहीं तो 15 हजार ही दे दो मित्रों। उल्लेखनीय है कि तीन तलाक संबंधी विधेयक शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में पास हो चुका है। यह अभी राज्यसभा में पारित नहीं हुआ है।
मुंबई में रैली के दौरान ओवैसी पर फेंका जूता