नई दिल्ली,दिल्ली महिला आयोग ने द्वारका के मोहन गार्डन स्थित आध्यात्मिक विश्वविद्यालय से 5 नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति जयहिंद और दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त अधिवक्ता अजय वर्मा ने दिल्ली महिला आयोग की सदस्य श्रीमती प्रोमिला गुप्ता और श्रीमती सारिका चौधरी के साथ बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित के द्वारका में मोहन गार्डन स्थित आश्रम का दौरा किया। दिल्ली महिला आयोग ने अपने सूत्रों से मोहन गार्डन स्थित आश्रम का पता लगाया था। दिल्ली महिला आयोग का दल शुक्रवार रात 8 बजे मोहन गार्डन स्थित आश्रम पहुंचा और वहां रहने वाले लोगों से बात की। यहां भी विजय विहार स्थित आश्रम की तरह 21 लड़कियों को रखा था। आश्रम बहुत ही छोटा था और जेल की तरह था। लड़कियों को ताले में बंद करके रखा हुआ था और दवाईयां भी रखी हुई थीं। आश्रम में रहने वाली लड़कियों के घर परिवार के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी और लड़कियों के वहां रहने से संबंधित कोई भी दस्तावेज आश्रम में नहीं थे। यहां लड़कियों ने किसी भी बात का ठीक से जवाब नहीं दिया। पता चला कि कुछ लड़कियों का दिमागी इलाज चल रहा था और उनको विजय विहार आश्रम से यहां लाया था। इस बात की भी जानकारी मिली कि दिमागी इलाज कराने वाली लड़कियां अक्सर विजय विहार आश्रम से यहां लायी थीं। आश्रम के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि दिल्ली महिला आयोग के दौरा करने से पहले ही सुबह में कई लड़कियों को वहां से निकाल कर कहीं और पहुंचा दिया था। स्थानीय लोगों ने कहा कि कभी-कभी रात में लड़कियों के रोने की आवाजें भी आती थीं। इसके अलावा रात में कई कारों को आश्रम से घुसते निकलते देखा जाता था।
आश्रम से आती थी रोने की आवाज, 5 नाबालिग लड़कियों को कराया मुक्त