पटना,आजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के भाषणों में अब अक्सर चूहों का जिक्र होता है। पिछले दिनों बिहार में आई बाढ़ के दौरान बांध टूटने की एक वजह सरकार ने चूहों को भी बताया था। फिर क्या था, लालू प्रसाद यादव ने कहा कि वह चूहा जरूर भूरा होगा। उनके भूरा चूहे के बयान को 90 के दशक में उनके जुमले ‘भूरा बाल साफ करो’ से जोड़ दिया गया। उनके इस नारे का मतलब उच्च जातियों को खत्म करना निकाला गया था। हांलाकि लालू ने इस बात से हमेशा इंकार किया है कि उन्होंने कभी ‘भूरा बाल साफ करो’ का नारा दिया था। लेकिन अब लालू ने कुछ और चूहों की प्रजातियों के बारे में भी ज्ञान दिया है। उन्होंने बीजेपी और नीतीश कुमार का नाम लिए बगैर कहा कि दो तरह के चूहे होते हैं, एक चूहा हरना होता है, दूसरा चूहा क्रोसना। उन्होंने कहा कि हमने चूहा खाया है, इसलिए हमें पता है। उन्होंने कहा कि जीतनराम मांझी ने भी चूहा खाया है। नीतीश कुमार ने भी कहा था कि चूहे की डिश बनाई जाएगी और लगता है कि उन्होंने भी खाई होगी। लालू ने कहा भूरे चूहे ने बालू पर ध्यान दिया है और बालू में बिल बनाने की कोशिश कर रहा है और दूसरा चूहा क्रोसना चूहा है, जो घर में घुसा रहता है और ये दोनों मिल गए हैं, क्योंकि बीजेपी क्रोसना चूहा है। उन्होंने कहा कि हम हरना चूहे के बारे में नहीं बताएंगे, नहीं तो विवाद हो जाएगा। लेकिन सबकी समझ में आ गया कि उनका इशारा नीतीश की तरफ है। लालू ने यह सब बातें पटना में आयोजित शहीद जगदेव राजनीतिक जागरूकता सम्मेलन में कहीं। इस मौके पर उन्होंने बिहार में शराबबंदी का भी जमकर मजाक उड़ाया। लालू ने कहा कि पटना की जीरो माइल पहाड़ी पर सुबह चार बजे हरियाणा और झारखंड से शराब का ट्रक आता है और होम डिलीवरी करने वाले लोग उसे वहां से उठाकर ले जाते हैं।
BJP क्रोसना चूहा है, जो घर में घुसा रहता है: लालू