मुंबई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने साइबर खतरे को वित्तीय क्षेत्र के लिए सबसे बड़े खतरे में रूप में बताते हुए कहा कि बैंकों को साइबर चुनौतियों से निपटने के लिए अपने बोर्ड में सूचना प्रौद्योगिकी की विशेषज्ञता को शामिल करने की आवश्यकता है। साइबर सुरक्षा से संबंधित खतरों से निपटने की तैयारी के लिए बैंकों को व्यापक संगठनात्मक ढांचे की आवश्यकता है।
भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा शिखर सम्मेलन में रिजर्व बैंक की कार्यकारी निदेशक (ईडी) मीना हेमचंद्रा ने कहा, बैंकिंग प्रणाली में प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल बढ़ रहा है, इससे बोर्ड स्तर पर सूचना प्रौद्योगिकी की विशेषज्ञता एक आवश्यकता बन गई है। उन्होंने कहा कि बैंकों को स्वयं को जितना संभव हो उतनी तेज गति से तैयार करने की आवश्यकता है क्योंकि बैंकों की तुलना में कभी-कभी साइबर हमलावर काफी अधिक उन्नत होते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तव में आप अपने आपको तब तक साइबर सुरक्षा के लिए तैयार नहीं कर सकते हैं जब तक कि आपका संगठनात्मक ढांचा व्यापक न हो।
साइबर खतरे से लड़ने के लिए बैंकों को आईटी विशेषज्ञता की आवश्यकता : आरबीआई