अहमदाबाद,इस साल नवरात्र और दशहरा पर सोने की बिक्री में 50 प्रतिशत की कमी आई है| 50 हजार या उससे ज्यादा कीमत के सोने की खरीदी पर सरकार ने केवायसी अनिवार्य कर दिया है, जिसकी वजह से इस दफा दशहरा पर बड़ी खरीदी करनेवाले लोगों ने बाजार से दूरी बनाई रखी होने का माना जा रहा है| बैंकर्स और ज्वैलर्सों के मुताबिक सोने की खरीदी पर कड़े नियम लागू किए जाने के बाद ग्राहकों का रुख अब अन्यत्र निवेश में बढ़ रहा है| जिसकी वजह से जारी वर्ष के सीजन में सोने की बिक्री में जबर्दस्त कमी आई है| इस वर्ष नवरात्र और दशहरा पर कार, टीवी और फ्रीज की बिक्री में पिछले वर्ष के मुकाबले 15 प्रतिशत का इजाफा हुआ है और इसी प्रकार का ट्रेन्ड दीपावली के दौरान रहने की संभावना है| ट्रेडर्स का मानना है कि त्यौहारों के मौसम की शुरुआत में सोने की मांग घटी है, जिसके पीछे एक कारण सोने की बढ़ कीमतें भी है| सोने पर लगनेवाली 10 प्रतिशत इम्पेक्ट ड्यूटी और 3 प्रतिशत जीएसटी की वजह से सोने की स्मगलिंग बढ़ रही है| स्मगलिंग के जरिए लाया गया सोना 8 से 10 प्रतिशत सस्ता मिलता है, जिससे ग्राहक ऐसे सस्ते सोने की प्रति आकर्षित हो रहे हैं| ऑल इंडिया जुलरी ट्रेड फेडरेशन के मुताबिक नवरात्र और दशहरा पर सोने की बिक्री बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन इसमें 50 फीसदी की कमी दर्ज हुई है| अब तक की स्थिति देख लग रहा है कि त्यौहारों में भी सोने की खरीदी की कोई उम्मीद नहीं है| जिसकी वजह से व्यापारियों में निराशा व्याप्त है|
नवरात्र-दशहरा पर सोने की बिक्री 50 फीसदी घटी