मुंबई,गिरफ्तारी के बाद भी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर को हर दिन अपना ठिकाना बदलना पड़ रहा है। फर्क केवल इतना ही है कि इस बार पुलिस से बचकर नहीं, बल्कि पुलिस के साथ कासकर की यह दौड़ जारी है। मात्र आठ दिनों के भीतर ठाणे पुलिस तीन विभिन्न जेलों में कासकर का ठिकाना बदल चुकी है, जिसमें ठाणे नगर और वाघले स्टेट शामिल हैं। बिल्डरों से हफ्ता उगाही के मामले में कासकर को गिरफ्तार किया गया था। मामले की जांच में कासकर के व्यवहार व सहयोग के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। उनमें से कुछ ने बताया कि डॉन का भाई सिगरेट की मांग कर रहा था, लेकिन उसे किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी गयी। जबकि ठाणे पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले पर चुप्पी साध रखी है। विशेषज्ञों के विचार से अगर सुरक्षा या कोई और इमरजेंसी न हो तो आमतौर पर अपराधियों का ठिकाना नहीं बदला जाता है। जब दाउद का प्रतिद्वंद्वी छोटा राजन गिरफ्तारी के बाद भारत लाया गया था, तब सीबीआई ने सुरक्षा कारणों से मुंबई के बजाए उसे दिल्ली में रखा। 2003 में दुबई से इकबाल कासकर को देश निकाला दे दिया गया था। सारा-सहारा अवैध कंस्ट्रक्शन मामले में कासकर वांटेड था। सबूतों के अभाव में 2007 में कासकर को छोड़ दिया गया था। अब उसकी सुरक्षा खतरे में बताई जा रही है।
दाऊद के भाई का रोज ठिकाना बदल रहा है, सुरक्षा को लेकर पुलिस सतर्क