नई दिल्ली, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रहे रेल हादसों के बाद अब रेलवे हरकत में आ गया है। क्योंकि मोदी सरकार की सबसे ज्यादा किरकिरी रेलवे के कारण हुई है। प्रभु के रेल मंत्री रहने के बाद भी रेलवे में वहां सुधार नहीं हुआ है। इसके लिए अब नया रेलमंत्री बनाया गया है। इसके तहत नए रेलवे मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को रेलवे बोर्ड से दुर्घटना की आशंका वाले हिस्सों में नई लाइनों के निर्माण के लिए चिह्नित रेलों का मार्ग परिवर्तित करने और यह पता लगाने को कहा है कि कहां पटरियों को हटाने का काम किया जाना है। उन्होंने बोर्ड के अधिकारियों को नई रेलों की खरीद का काम तेज करने का आदेश भी दिया ताकि लंबित परियोजनाओं में पटरियां बिछाने का काम पूरा किया जा सके और एक साल के अंदर फाटकरहित लेवल क्रॉसिंग को खत्म किया जा सके।
एक अधिकारी ने बताया कि रेलवे बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों की एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए गोयल ने उनसे पटरियों को बदलने तथा नई पटरियां बिछाने के काम को प्राथमिकता देने के लिए भी कहा। गोयल को अधिकारियों से यह कहते हुए उद्धृत किया गया नई रेलों की खरीद का काम बड़े पैमाने पर तेज करना चाहिए,इसके साथ ही नई लाइनों के निर्माण का काम भी समय पर किया जाना चाहिए। रेलवे मंत्री ने बोर्ड को इंजनों में कोहरा रोधी एलईडी लाइटें लगाने का आदेश भी दिया ताकि सर्दियों में ट्रेनों की निर्बाध एवं सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
बात दे कि कुछ रेलों के पटरियों से उतरने के बाद गोयल के पूर्ववर्ती सुरेश प्रभु ने इस्तीफा दे दिया था। प्रभु की जगह गोयल नए रेल मंत्री बनाए गए। गोयल ने यह भी कहा कि पुरानी कोचों की जगह नई आधुनिक एलबीएच बोगियां लगाने के काम को गति देनी चाहिए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया मंत्री ने जोर दे कर कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और इससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। आज नौ घंटे में उत्तर प्रदेश, नई दिल्ली एवं महाराष्ट्र में तीन ट्रेनें पटरी से उतरीं जबकि एक जगह ऐसा हादसा होते होते बच गया।
नए रेलमंत्री गोयल ने पुरानी पटरियों को बदलने के दिए आदेश