मुंबई,अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि वह कभी हीरो बनना नहीं चाहते थे। क्योंकि ऐसा कोई व्यक्ति वास्तव में हो ही नहीं सकता, जिसमें कोई बुराई ही नहीं हो। इस लिए मैंने हमेशा खलनायक बनने की सोची। फिल्मों के नकारात्मक किरदार सच्चाई के ज्यादा नजदीक होते हैं। नवाजुद्दीन ने कहा मरे लिए किसी किरदार को स्वीकार कर पाना आसान नहीं है जो या तो केवल नकारात्मक हो या फिर केवल सकारात्मक। उदाहरण के लिए हीरो में कोई बुराई नहीं होती। उन्होंने कहा इसलिए मुझेमें कभी हीरो का किरदार निभाने की दिलचस्पी नहीं हुई। ऐसा कोई व्यक्ति नहीं, जिसमें बुराई नहीं हो। मैं नकारात्मक भूमिकाओं को प्राथमिकता देता हूं। अभिनेता ने आगामी फिल्म ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’ और अन्य फिल्मों के बीच अंतर बताते हुए कहा कि इस फिल्म का नायक अन्य फिल्मों के नायकों जैसा नहीं है। उन्होंने कहा इस फिल्म में वह उत्तर प्रदेश के जेम्स बॉन्ड की भूमिका में हैं। बायोपिक ‘मंटो’ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “मेरे मन में बहुत से नायक हैं, जिन पर मैं एक फिल्म बनाना चाहता हूं। लेकिन यहां सिर्फ दो बायोपिक मेरी पसंद की हैं ‘बैंडिट क्वीन’ और ‘गांधी’।
अधिक भाते हैं नकारात्मक किरदार : नवाजुद्दीन