बीजिंग, 16 जून से जारी डोकलाम विवाद पर भारत को धमकी देने के बाद भी भारत के पीछे नहीं हटने से गुस्सायां चीन अब अभद्रता पर उतर आ गया है। रविवार को भारत ने शंघाई पुदोंग अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक चीनी एयरलाइन के कर्मचारियों द्वारा भारतीयों के साथ किए गए कथित दुर्व्यवहार का मामला चीन के समक्ष उठाया है। यह शिकायत एक भारतीय यात्री ने की थी। यह मामला विदेशमंत्री सुषमा स्वराज के संज्ञान में लाए जाने के बाद चीनी विदेश मंत्रालय के शंघाई विदेश मामलात कार्यालय और पुदोंग हवाईअड्डा प्राधिकरण के समक्ष उठाया गया। वहीं चीन की सरकारी एजेंसी ने चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि संबंधित सामग्री और हवाईअड्डे की सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पाया गया कि घटना से जुड़ी खबरें तथ्यों के अनुरूप नहीं हैं।
एयरलाइन ने बयान में कहा,एयरलाइन के कर्मचारियों ने तो शानदार सेवा दी। यह घटना पहली बार नहीं हुई है इससे पहले भी नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक सतनाम सिंह चहल ने सुषमा को लिखे पत्र में आरोप लगाया कि उन्होंने देखा कि विमान से व्हीलचेयर यात्रियों को निकालने के लिए बने निकास द्वारा पर कर्मचारी (ग्राउंड स्टाफ) भारतीय यात्रियों का अपमान कर रहे थे। 6 अगस्त को चहल ने नई दिल्ली से सेनफ्रांसिस्को जाने के लिए चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की फ्लाइट ली थी। उन्हें सेन फ्रांसिस्को जाने वाला विमान लेने के लिए शंघाई पुदोंग हवाईअड्डे पर रूकना पड़ा था।
चहल ने बताया कि जब उन्होंने संबंधित एयरलाइन से शिकायत की तो अधिकारी उन पर चिल्लाने लगा। चहल के पत्र के हवाले से कहा गया मैंने उनकी शारीरिक भाव-भंगिमा पर गौर किया कि वे भारत और चीन के बीच बढ़ रहे सीमा विवाद से कुंठित थे। यहां वह डोकलाम इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच लगभग दो माह से चल रहे गतिरोध की ओर इशारा कर रहे थे। चहल ने सुषमा से यह भी सुझाव दिया कि वे भारतीय यात्रियों को परामर्श जारी करें कि वे चीन के रास्ते होकर जाने से बचें।
अभ्रदता पर उतरा ड्रैगन, भारतीय यात्री से एयरपोर्ट पर दुर्व्यवहार