हेलिकॉप्टर हादसे में बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री फड़णवीस

लातूर, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस गुरुवार को यहां हुए हेलिकॉप्टर हादसे में बाल-बाल बच गए। मुंबई के लिए उड़ान भरने के साथ ही उनके हेलिकॉप्टर का संतुलन बिगड़ा और उसकी क्रैश लैंडिंग करानी पड़ी। इस दौरान हेलिकॉप्टर हाईटेंशन लाइन को भी छू गया। हादसे के वक्त हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर समेत छह लोग थे। सभी सुरक्षित है।
फड़णवीस लातूर के निलंगा में कार्यक्रमों में हिस्सा लेने गए थे। दुर्घटना के तुरंत बाद फड़णवीस ने ट्वीट कर हादसे की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि हमारा हेलिकॉप्टर लातूर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लेकिन, मैं पूरी तरह सुरक्षित हूं और टीम भी। चिंता की कोई बात नहीं है। हेलिकॉप्टर कई जगह से डैमेज हुआ है। इस हेलिकॉप्टर में दो क्रू मेंबर और १३ पैसेंजर बैठ सकते हैं। मुंबई से दूसरा हेलिकॉप्टर मंगवाया गया।
पायलट ने कहा कि बहुत तेज हवाएं चल रही थीं। हेलिकॉप्टर उड़ान भरते ही नीचे आया। वहां हाईटेंशन लाइन थी। हमने हेलिकॉप्टर को उससे दूर ले जाने की कोशिश की। लेकिन, नाकाम रहे। हेलिकॉप्टर तार से छू गया था।
फड़णवीस के मीडिया सलाहकार गंभीर रूप से जख्मी
हादसे के चलते फड़णवीस के हाथ में खरोंच आई, जबकि उनके मीडिया सलाहकार केतन पाठक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घटना के बाद फड़णवीस निलंगा में ही मंत्री संभाजी पाटिल के घर पर रुके। कुछ देर में डॉक्टरों की टीम ने सभी की जांच भी की।
हादसे के कारण
डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने कहा कि हेलिकॉप्टर के टेक ऑफ होते ही विंड पैटर्न में बदलाव आया। इसके बाद पायलट ने इसे लैंड कराने की कोशिश की। डीजीसीए के मुताबिक, हवाओं के चलते जब हेलिकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा रही थी तो वह तारों में उलझ गया और हादसे का शिकार हो गया।
१३ मई को भी आई थी खराबी
१३ मई को गढ़चिरौली के आलापल्ली में हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी के चलते सीएम को अपने कार्यक्रमों में बदलाव करना पड़ा था।
एआईबी करेगा जांच
हादसे की जांच नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अंतर्गत एयरक्रॉफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो (एआईबी) करेगा।

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