4000 करोड़ रुपये से अधिक की सिंचाई परियोजना बदलेंगी खेती-बाड़ी की तस्वीर

भोपाल,चार हजार सत्रह करोड़ रुपये से अधिक की राशि से बनने वाली तीन सिंचाई परियोजनाओं की प्रशासकीय स्वीकृति मिल गई है। इससे एक लाख हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को सिंचाई सुविधाएं मिलेंगी और ८१९ गांवों की १२ लाख आबादी को पेयजल प्रदान किया जा सकेगा। यह मंजूरी मंगलवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में स्वीकृत हुईं। मंत्रि-परिषद ने बीना संयुक्त सिंचाई एंव बहुउदेश्यीय परियोजना के लिये ३७३५.९० करोड़ की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस परियोजना से सागर जिले की खुरई, मालथौन और बीना तहसील के २९६ ग्रामों की ९० हजार हेक्टेयर कृषि भूमि रबी सिंचाई से लांभावित होगी। परियोजना से सागर जिले के राहतगढ़, जैसीनगर, मालथौन, बीना, खुरई और कुरवाई विकासखंड के ८१९ गांवों की लगभग १२ लाख आबादी को पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा। मंत्रि-परिषद ने आंवलिया मध्यम सिंचाई परियोजना के लिये १६५.०८ करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की। इससे खंडवा जिले के २१ गांवों का ५ हजार हेक्टेयर क्षेत्र रबी सिंचाई से लाभांवित होगा। हिरवार सूक्ष्म सिंचाई नहर परियोजना के लिए ११६.७८ करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। इस परियोजना से शहडोल जिले की ब्योहारी तहसील के ४९ गांव को ७ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में रबी तथा ३१०० हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई का लाभ मिलेगा। मंत्रि-परिषद ने आदिम जाति कल्याण विभाग का नाम जनजाति कार्य विभाग करने का निर्णय लिया है। साथ ही नर्मदा घाटी विकास विभाग के ९४ कर्मचारियों का वेतन पुनऱ निर्धारण करते हुए सभी को एरियर सहित भुगतान की स्वीकृति प्रदान की।

१७ पदों पर भर्ती का निर्णय
माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर के परीक्षा सेल के लिये छह तथा मध्यप्रदेश राय न्यायिक अकादमी, जबलपुर के लिये विभिन्न कॉडर के १७ पद के सृजन का निर्णय भी मंत्रि-परिषद ने लिया।

पुलिस के लिए
मंत्रिपरिषद ने मध्यप्रदेश पुलिस कर्मचारी वर्ग – असाधारण परिवार पेंशन नियम १९६५ में संशोधन को अनुमोदन प्रदान किया। इससे राय शासन द्वारा समय समय पर शासकीय सेवकों के लिये स्वीकृत महंगाई भत्तों का लाभ शहीद पुलिस कर्मी के परिवार को समान रूप से प्रदान किया जा सकेगा। परिणाम स्वरूप ऐसे परिवारों को वर्तमान में देय आर्थिक सुविधा में सतत वृद्धि होगी।

अतिरिक्त प्रभार पर भत्ता
मंत्रि-परिषद ने शासकीय सेवकों को अतिरिक्त प्रभार दिये जाने पर अतिरिक्त भत्ता देने का निर्णय लिया है। मैदानी कार्यालयों में पदस्थ ऐसे तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी संवर्ग के शासकीय सेवकों को समीपवर्ती क्षेत्र के स्वीकृत रिक्त पद का अतिरिक्त दायित्व सौंपे जाने पर उन्हें उस पद के कार्यो के निर्वहन के लिये क्रमश: पाँच सौ रूपये तथा तीन सौ रूपये प्रतिमाह की दर से अतिरिक्त भत्ता दिया जायेगा।

 

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