झूठी जानकारी देने पर फेसबुक पर 744 करोड़ का जुर्माना

ब्रसेल्स,फेसबुक द्वारा झूठी जानकारी यूरोपियन कमीशन ने सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक पर 120 मिलियन डॉलर (करीब 774 करोड़ रुपए) का जुर्माना लगाया है। कमीशन ने यह जुर्माना वॉट्सऐप के टेकओवर में गलत जानकारी देने के चलते लगाया है। फेसबुक ने इस पर कहा है कि उसने कमीशन के साथ पूरा सहयोग किया है और जो गलतियां हुईं, वह इंटरनेशनल लेवल की नहीं थीं। ईयू कॉम्पिटीशन कमिश्नर मार्गेथ वेस्टेगर ने गुरुवार को अपने बयान में कहा, आज का फैसला कंपनियों को साफ संदेश देता है कि उन्हें ईयू मर्जर रूल्स के सभी पक्षों को मंजूर करना जरूरी होगा। इसमें सही जानकारी देने की जिम्मेदारी भी शामिल है। फेसबुक के प्रवक्ता ने कहा, कमीशन के साथ शुरुआती बातचीत में ही हमने पूरे भरोसे में काम किया। हमसे सौदे के हर एक टर्म की सही जानकारी मांगी गई। 2014 की फाइलिंग में हमसे गलतियां हुईं जो कि इंटरनेशनल लेवल की नहीं थी। कमीशन ने यह कन्फर्म किया कि मर्जर रिव्यू के नतीजों पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आज के एलान के साथ ही यह मामला बंद हो गया। ईयू रेग्युलेटर्स ने 2014 के आखिर में फेसबुक द्वारा 19 अरब डॉलर में वॉट्सऐप को खरीदने को मंजूरी दी थी। इसमें यह मानने की कोई वजह नहीं थी कि तेजी से बढ़ते सोशल मीडिया सेक्टर में इससे कॉम्पिटीशन और बढ़ेगा। गुरुवार को अपने बयान में कमीशन ने दोबारा बताया कि मर्जर रूल्स के तहत कंपनियों को किसी भी रिव्यू में सही जानकारी रेग्युलेटर को अवलेबल कराना जरूरी है। जब फेसबुक ने 2014 में डील को नोटिफाई किया था, तो कंपनी ने कहा था कि फेसबुक यूजर्स अकाउंट्स और वॉट्सऐप अकाउंट्स के बीच ऑटोमैटेड मिलान यानी जानकारियां साझा नहीं होंगी। अगस्त 2016 में वॉट्सऐप ने अपनी सर्विस एंड प्राइवेसी पॉलिसी की शर्तों को अपडेट किया। इसमें वॉट्सऐप यूजर्स के फोन नंबर का फेसबुक यूजर्स की आइडेंटिटी के साथ लिंक करने की संभावना भी शामिल थी।
कमीशन ने और क्या कहा?
पिछले साल इस मामले की जांच शुरू हुई। इसमें कमीशन ने 2014 मर्जर रिव्यू प्रॉसेस में फेसबुक के स्टेटमेंट्स में विरोधाभास पाया गया। कमीशन ने गुरुवार के फैसले में कहा कि फेसबुक और वॉट्सऐप की आईडेंटिटी ऑटोमैटिकली मिलान की टेक्निकल संभावनाएं 2014 मर्जर डील में पहले से ही शामिल थीं। फेसबुक स्टाफ इस तरह की संभावना से पहले से ही वाकिफ था। कमीशन ने यह भी कहा कि इस जुर्माने का अक्टूबर 2014 में डील को मिली मंजूरी पर कोई असर नहीं होगा। ह बंद हो सकता है।

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