शिलालेख पर नाम को लेकर पूर्व विधायक ने विस उपाध्यक्ष को धमकाया

सतना ,अमरपाटन में आयोजित मंडी भवन के लोकार्पण समारोह में भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक रामखिलावन पटेल ने क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह को सरेआम धमकाया। इसके बाद उनके समर्थकों ने विस उपाध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी भी की। सारा ड्रामा प्रदेश के किसान कल्याण और कृषि विकास मंत्री गौरीशंकर बिसेन के सामने हुआ। उन्होंने भी अपने नेता को रोकने की कोशिश नहीं की। हालांकि बाद में मंच से निंदा जरूर की। मामला शिलालेख पर नाम को लेकर था। भाजपा नेता चाहते थे कि उनका नाम शिलालेख पर हो और उन्हे आपत्ति थी कि विस उपाध्यक्ष का नाम शिलालेख पर क्यों है।
शिलापट्टिका पर नाम न देख भड़के
इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह, सतना सांसद गणेश सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य, जनपद अध्यक्ष व सदस्यों के अलावा दर्जन भर राजनेता मौजूद थे। भाजपा के पूर्व विधायक रामखिलावन पटेल को भी अतिथि के तौर पर इस कार्यक्रम में बुलाया गया था। बताया गया कि जब लोकार्पण के लिए लगाई गई शिलापट्टिका का अनावरण हुआ तो उसमें मंत्री बिसेन, उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह और सतना सांसद का नाम लिखा था। इसमें अपना नाम न देख पूर्व विधायक पटेल बिफर गए और उन्होंने वहीं पर विधानसभा उपाध्यक्ष के साथ अभद्र भाषा में बात करना शुरू कर दिया।
सांसद और बिसेन ने बताया घटना को दुर्भाग्यपूर्ण
पूर्व विधायक पटेल ने कहा कि राजेंद्र कुमार सिंह ने जानबूझकर ऐसा किया है। सिंह विस उपाध्यक्ष भोपाल के लिए होंगे, यहां के लिए कुछ नहीं हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि अभी तुम्हारे (सिंह) नाम पर कालिख लगवा दूंगा। इस दौरान विस उपाध्यक्ष सिंह ने पूर्व विधायक को तमीज से बात करने की नसीहत दी और कहा कि वे (सिंह) संवैधानिक पद पर आसीन हैं, इसलिए उनसे शालीनता से बात करें। इस घटना के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच में तनातनी का माहौल बन गया और नारेबाजी होने लगी। विधायक पटेल के इस आचरण को स्थानीय सांसद गणेश सिंह और कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने अपने भाषण में गलत बताया।
ठीक नहीं पूर्व विधायक का आचरण
डॉ. सीतासरन शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि राजेंद्र कुमार सिंह जनप्रतिनिधि के साथ-साथ विधानसभा उपाध्यक्ष के नाते महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर हैं। पूर्व विधायक हो या कोई अन्य व्यक्ति हो। मेरा दृढ़ मत है कि संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों से शालीन व्यवहार होना चाहिए। भाजपा के पूर्व विधायक का व्यवहार उचित नहीं है। लोकतंत्र को मजबूत रखने के लिए संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से उचित व्यवहार होना जरूरी है।
संवैधानिक पद की मर्यादा का नहीं रखा ध्यान
पूर्व विधायक को शिकायत थी तो वे मौके पर मौजूद कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, सांसद गणेश सिंह व कृषि विभाग के अधिकारियों से बात करते। मैं स्थानीय विधायक के नाते खुद वहां आमंत्रित सदस्यों में था। पूर्व विधायक रामखिलावन पटेल का व्यवहार ठीक नहीं था। मैंने कहा, मुझसे बदतमीजी न करें, मैं संवैधानिक पद पर हूं, उसकी मर्यादा का ध्यान रखें।
राजेंद्र कुमार सिंह, विधानसभा उपाध्यक्ष

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