राज्यों में वामपंथी उग्रवाद की समीक्षा होगी

नई दिल्ली, दिल्ली में आज केन्द्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने नक्सल प्रभावित 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक अहम बैठक की है। बैठक में 10 नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा राज्यों के मुख्य सचिव और डीजीपी भी शामिल हुए। उन्होंने मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में कहा कि इसका निदान सिल्वर बुलेट से संभव नहीं है।इसके लिए लांग टर्म रणनीति बनाने की जरूरत है। मुझे विश्वास है कि पूरी ताकत और नई रणनीति के साथ हम नक्सलियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे। वामपंथी कट्टरपंथ से लड़ने का मूलभूत नियम है कि उनकी वित्तीय संसाधनों तक पहुंच को रोक दिया जाए। बीते 20 वर्षों में माओवादी हिंसा के कारण लगभग 12,000 लोगों की जानें गई। राजनाथ ने कहा कि नक्सल समस्या का तुरत-फुरत हल नहीं निकला जा सकता, इसका कोई शॉर्टकट भी नहीं है, इस समस्या को लघु-अवधि, मध्यम-अवधि तथा दीर्घकालिक हलों के जरिए ही सुलझाया जा सकता है। मुझे विश्वास है कि विकास को अवरूद्ध करने और बंदूक की नोक पर लोकतंत्र का गला घोंटने के प्रयास कभी भी सफल नहीं होंगे।

बैठक में इन बिंदुओं पर हुई चर्चा
– विभिन्न राज्यों से आए मुख्य मंत्री गण, गृह सचिव एवं भारत सरकार के अन्य सचिवगण, विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, केन्द्रीय सशस्त्र बलों के महानिदेशक, जिला कलेक्टरगण तथा जिला पुलिस अधीक्षकगण।
– देश के दस वामपंथ उग्रवाद से प्रभावित राज्यों में वामपंथी उग्रवाद के विभिन्न पहलुओं को एक साथ बैठकर समझने, वामपंथी उग्रवाद का पूरी सक्षमता से मुकाबला करने और इसे नेस्तनाबूद करने हेतु तथा सर्वाधिक प्रभावित 35 जिलों में सुरक्षा और विकास को गति देने के उद्देश्य से यह बैठक आहूत की गई है।
– छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के बुरकापाल में 24 अप्रैल 2017 की घटना में सीआरपीएफ के 25 जवानों की शहादत से पूरा देश उद्वेलित हुआ है। ऐसे वातावरण में अपनी एकाग्रता बनाए रखकर लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ने की चुनौती हमारे सामने हैं।
– वामपंथी उग्रवादियों द्वारा सीआरपीएफ के कैम्प के पास हमला करने से मैं चिंतित तो हूं लेकिन विचलित नहीं। इसलिए आज की बैठक महत्वपूर्ण है, क्योंकि हमें समग्ररूप से चिंतन करना है कि अब हमारी सोच, हमारी रणनीति, हमारी तैयारी, हमारे संसाधनों का उपयोग किस प्रकार हो। मुझे आप पर और हमारे जवानों पर पूरा भरोसा है कि हम सब मिलकर नई रणनीति से, पूरी क्षमता से वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करेंगे और सफलता हासिल करेंगे।
– भारत, दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है मगर वामपंथी उग्रवाद लोकतंत्र की जड़ों को खोखला करना चाहता है। लोकतंत्र विरोधी होने के साथ-साथ वामपंथी उग्रवाद का विकास विरोधी चेहरा हम सबके सामने है। हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जिस नये भारत के निर्माण की बात कर रहे हैं उसका आधार ही देश में विकास और लोकतंत्र की मजबूती है। भारत का भविष्य हिंसा और हत्या को बढ़ावा देने वाले वामपंथी उग्रवादियों के प्रभाव से मुक्त हो इसके लिए हम सबको इस दिशा में सोचने और कार्य करने की जरूरत है। मेरा यह विश्वास है की बन्दूक के बल पर विकास और लोकतंत्र को झुकाने और दबाने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी। आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ, झारखंड, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, ओडीशा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्रियों को बैठक में शामिल हुए।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *