वनवासी अंचल में हुआ दीप महायज्ञ

खरगोन,वनवासी अंचल धुलकोट में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ व प्राण प्रतिज महोत्सव के तीसरे दिन रात्रि कालीन सत्र में दीप महायज्ञ व प्रवचन का क्रम रखा गया। शांतिकुंज हरिद्वार से आई टोली ने 1100 दीपक प्रज्वलित कर दीप महायज्ञ करवाया। मुख्य वक्ता टोली नायक शांतिकुंज प्रतिनिधि विश्वजीत त्रिपाठी ने गुरु संदेश देते हुए कहा कि परिवर्तन का चक्र बड़ी तेज गति से चल रहा है। पिछले 2000 वर्षों में मानव ने जितनी गलतियां की है उसका सुधार कर सतयुग की स्थापना का संकल्प साकार होना है। जो नहीं बदलेंगे वह अपने आप ही कुचल जाएंगे। दीपयज्ञ घर-घर में सोए हुए देवत्व को जगाने का शुभ संदेश दे रहा है। व्यक्ति स्वयं का निर्माण करें और आत्म निर्माण से राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें। उन्होंने आगे बताया कि गुरुदेव द्वारा की गई घोषणाए सशब्द सत्य होती जा रही है 21वी सदी नारी सदी परिलक्षित हो रही है हर क्षेत्र में बहने बढ़.चढ़कर भागीदारी करते हुए आगे आ रही है। संगीत टोली के प्रमुख गोविंद काका द्वारा सुमधुर युग संगीत देकर सभी के भाव जागरण किए। इस कार्यक्रम के प्रात: कालीन सत्र में 24 कुंडी गायत्री महायज्ञ के साथ 50 भाई बहनों का जनेऊ व गुरु दीक्षा संस्कार भी करवाया गया। शशिकांत मंडलोई, रंजना पाटीदार इन दोनों का विवाह दिवस व यशस्वी चौहान को जन्मदिन की बधाई देते हुए दीप महायज्ञ में आहुतियां प्रदान की गई। आदिवासी संत डेमनिया बाबा ने भी गुरु सन्देश देते हुए सभी वनवासी भाईयो से शराब, मांस, बीड़ी सिगरेट आदि छोड़ने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर लक्ष्मण पटेल, कृष्णराव शर्मा, जिला समन्वयक योगेश पाटीदार आयोजन समिति के बलिराम निगोलें, रमेश चंद्र जोशी, गोपाल कृष्ण अमझरे, पीसी चौहान, रूपसिंह बाबा, डेमनिया बाबा, प्रताप भाई बर्डे, सीता जीजी, अलका जीजी, चंद्रकांत पाटीदार, रमेश पाटीदार आदि उपस्थित थे।

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