मुस्लिम कार सेवकों को अयोध्या में मस्जिद मंजूर नहीं

फैज़ाबाद, उत्तरप्रदेश में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से मुस्लिम समाज के लोगों का भी राज्य सरकार में भरोसा बढ़ा है। जहां एक तरफ मुस्लिम महिलाओं ने तीन तलाक के विरोध में आवाज बुलंद की वहीं अब राममंदिर निर्माण के लिए भी मुस्लिम कारसेवकों का अयोध्या आना जाना शुरू हो गया है। बीते एक सप्ताह में पहले आजम खां नाम के एक कारसेवक ने एक ट्रक ईटों के साथ अयोध्या पहुंच कर मन्दिर निर्माण की बात कही थी और यह भी कहा था कि वह राम का वंशज है। अयोध्या में भगवान राम मंदिर बनेगा, बाबरी मस्जिद मंजूर नहीं। अब मुस्लिम मंच के बैनर तले हक के साथ आओ अयोध्या विवाद सुलझाओ, खुशहाल भारत बनाओ सम्मेलन तुलसी स्मारक भवन में आयोजित कर काफी संख्या में मुस्लिम कारसेवकों ने राममंदिर के पक्ष आवाज बुलंद की। गोरक्षा मिशन के प्रदेश अध्यक्ष मसौधा ज़िला पंचायत सदस्य बबलू खान व राष्ट्रीय प्रवक्ता शरद पाठक बाबा की अगुवाई में सफलता का परचम लहराया। मुस्लिमों को जोड़ने में दशरथ गद्दी के  महन्थ बृजमोहन दास, बाबा बलराम दास, देवेंद्र दास की भी भूमिका अहम मानी जा रही है। अब आरएसएस भी इसे भुनाने में लग गया है। संघ प्रचारक माहिर ध्वज इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे। आल इंडिया शिया मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष खुर्शीद आगा, वरिष्ठ पत्रकार रजा रिजवी सहित कई मुस्लिम धर्माचार्यों ने जय श्री राम के नारे लगा कर राम मंदिर के निर्माण के लिए संकल्प लिया, जिसकी समाज का हर वर्ग सराहना कर रहा है। इन मुस्लिम कारसेवकों ने हनुमानजी व भगवान राम के दर्शन किए। बाबरी मस्जिद के मुख्य मुद्दई हासिम अंसारी के पास जाकर नमाज अदा की। रामजन्मभूमि न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत नित्य गोपाल दास जी महाराज के लिए समर्थन पत्र भी भेजा है। बता दें कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी आपसी सहमति से अयोध्या विवाद का हल निकालने की बात कही थी।

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